बराड़ा : बराड़ा फ्लाईओवर के निकट बुधवार को पुलिस और सीआईए नारायणगढ़ की टीम की बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में एक बुजुर्ग महिला से लूटपाट करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बराड़ा में भर्ती कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देशी तमंचे भी बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार सीआईए नारायणगढ़ को गुप्त सूचना मिली थी कि 28 मई को बराड़ा की करनाल कॉलोनी में 70 वर्षीय विद्या देवी के घर में घुसकर लूटपाट और स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी क्षेत्र में घूम रहे हैं तथा किसी अन्य अपराध की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने बराड़ा फ्लाईओवर और रेलवे पुल के पास नाकाबंदी कर घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार खुद को चारों ओर से घिरा देख आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग करने की कोशिश की।
हालांकि उनके हथियारों से गोली नहीं चल सकी। इसके बाद पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और वे घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े। पुलिस ने तत्काल दोनों को काबू कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी 28 वर्षीय उधम सिंह तथा 19 वर्षीय ऋतिक के रूप में हुई है। वहीं इस वारदात का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड दिलीप सिंह अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। गौरतलब है कि 28 मई की शाम करनाल कॉलोनी निवासी विद्या देवी अपने घर के पोर्च में बैठी थीं। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन नकाबपोश युवक घर में घुस आए और महिला के कानों से सोने की बालियां तथा अंगूठी छीन ली। जब चूड़ियां उतारने में असफल रहे तो आरोपियों ने पिस्तौल की बट से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात का मास्टरमाइंड दिलीप सिंह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और पूर्व में सहारनपुर जेल में बंद रह चुका है। वहीं उसकी मुलाकात जेल में ही ऋतिक और उधम सिंह से हुई थी। तीनों ने वहीं बैठकर लूटपाट की योजना बनाई थी। बाद में दिलीप दोनों को अपने साथ बराड़ा लेकर आया। उसे बुजुर्ग महिला के घर और आसपास के इलाके की पूरी जानकारी थी। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी उधम सिंह की मोटरसाइकिल पर सवार होकर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।
पहचान छिपाने के लिए उन्होंने सिख वेशभूषा धारण कर रखी थी और उसी भेष में घटना को अंजाम दिया। डीएसपी बराड़ा सुरेश कौशिक ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी कर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया गया। आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग करने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के पैरों में गोली लगी है। तीसरे आरोपी दिलीप सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

