Politics on Terrorist Attack : बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पहलगाम हमले के बाद विपक्षी पार्टियों से केंद्र सरकार का साथ देने की बात कही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में राजनीति नहीं की जानी चाहिए। मायावती ने खासकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को चेतावनी दी कि यदि इस तरह की राजनीति करते-करते बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का अपमान किया गया तो बसपा उनके विरुद्ध सड़क पर उतर सकती है।
एकजुट रहें सभी पार्टियां-
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सभी पार्टियों को एकजुट होकर सरकार के हर कदम के साथ खड़े होना चाहिए, न कि इसकी आड़ में पोस्टरबाजी व बयानबाजी आदि के जरिए घिनौनी राजनीति की जानी चाहिए, क्योंकि इससे लोगों में कन्फ्यूजन पैदा हो रहा है, जो देशहित में ठीक नहीं।‘
सड़कों पर उतरेगी BSP-
उन्होंने आगे लिखा, ‘साथ ही, इस प्रकरण में भारतीय संविधान के निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का भी अपमान कतई न किया जाए। खासकर सपा व कांग्रेस को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए, वरना बीएसपी इनके विरुद्ध सड़कों पर भी उतर सकती है।‘
बाबासाहेब का अपमान निंदनीय-
इससे पहले मायावती ने 22 अप्रैल को एक पोस्ट में जिक्र किया था कि बाबासाहेब डा.भीमराव अंबेडकर की जयंती पर इस बार देश के कई राज्यों में इनकी प्रतिमा का अनादर बेहद शर्मनाक बात है। खासकर मध्य प्रदेश के मुरैना में अंबेडकर जुलूस पर हुए हमले में दलित की हुई हत्या व अनेकों के घायल होने की घटना अति-निंदनीय है। मायावती ने दलितों पर हो रहे अत्याचार और महापुरुषों के अनादर की घटनाओं की बात करते हुए केंद्र और संबंधित राज्यों की सरकारों से एक्शन लेने की अपील की थी।
कांग्रेस ने की संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग-
वहीं, पहलगाम हमले की बात करें तो कांग्रेस पार्टी ने सार्वजनिक तौर पर इस मामले में केंद्र सरकार को पूरा समर्थन देने की बात कही है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर आतंकी हमले के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग भी की है।

