नेशनल डेस्क: जलियांवाला बाग नरसंहार की बरसी पर पूरे देश ने उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इस मौके पर देश के कई बड़े नेताओं ने शहीदों को याद करते हुए उनके योगदान को अमूल्य बताया।
राष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि जलियांवाला बाग के शहीदों का बलिदान देशवासियों के दिलों में आजादी के लिए नई जागरूकता और मजबूत संकल्प पैदा करने वाला था। देश हमेशा इन वीरों का ऋणी रहेगा और उनकी देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि इन वीरों का बलिदान भारत की अटूट हिम्मत और साहस का प्रतीक है। शहीदों का त्याग और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता, न्याय और सम्मान की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
पीएम मोदी ने इस घटना को विदेशी शासन की क्रूरता का उदाहरण बताते हुए कहा कि शहीदों की वीरता की कहानियां हमेशा देशवासियों को प्रेरित करती रहेंगी। उन्होंने एक संस्कृत संदेश भी साझा किया, जिसमें समाज में सकारात्मक और राष्ट्रहित में काम करने वाली ताकतों को बढ़ावा देने और गलत तथा अन्यायपूर्ण तत्वों का विरोध करने की बात कही गई।

गृह मंत्री का बयान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को निहत्थे लोगों पर की गई गोलीबारी ने अंग्रेजी शासन का अमानवीय चेहरा उजागर कर दिया था। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया और इसने कई क्रांतिकारियों के मन में आजादी की लड़ाई को और तेज कर दिया। उन्होंने विशेष रूप से भगत सिंह और ऊधम सिंह जैसे क्रांतिकारियों का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने उनके अंदर स्वतंत्रता के लिए संघर्ष की भावना को और मजबूत किया।
आज ही के दिन पंजाब के जलियांवाला बाग में क्रूर अंग्रेज़ी हुकूमत का अमानवीय चेहरा बेनकाब हुआ था, जब शांतिपूर्ण सभा कर रहे निहत्थे देशवासियों पर अंधाधुंध गोलियाँ बरसाई गईं।
इस जघन्य कृत्य ने पूरे देश को झकझोर दिया और भगत सिंह, ऊधम सिंह जैसे क्रांतिकारियों के मन में स्वतंत्रता की… pic.twitter.com/fFMoFGIhfr
— Amit Shah (@AmitShah) April 13, 2026
रक्षा मंत्री का विचार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह घटना भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। निर्दोष लोगों के बलिदान ने पूरे देश को एकजुट किया और आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी। शहीदों का साहस और त्याग आज भी लोगों को न्याय, आत्मसम्मान और गरिमा के लिए खड़े होने की प्रेरणा देता है।
Remembering and paying my heartfelt tributes to all those innocent Indians who sacrificed their lives in the Jallianwala Bagh massacre on this day in 1919. Their sacrifice remains a defining moment in India’s freedom struggle, awakening the nation’s collective conscience. Their…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) April 13, 2026