नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होना केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के विकास, आत्मविश्वास और सामाजिक परिवर्तन की एक महत्वपूर्ण यात्रा का प्रतीक है। वर्ष 2014 से लेकर आज तक देश ने अनेक क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है और विश्व मंच पर एक सशक्त, आत्मनिर्भर तथा विश्वसनीय राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है।
इन 12 वर्षों के दौरान भारत ने आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, कोविड-19 महामारी और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरताओं के बावजूद भारत ने अपनी विकास गति को बनाए रखा। आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि दूरदर्शी नेतृत्व, प्रभावी नीतियों और देशवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में आधारभूत ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, रेलवे नेटवर्क, आधुनिक रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुए विकास ने भारत की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है। आज देश का दूरदराज क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है, जिससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि उन्होंने विकास को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इन योजनाओं ने गरीबों, किसानों, महिलाओं और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने का कार्य किया है।
स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री मोदी के सबसे प्रभावशाली अभियानों में से एक है । इस अभियान ने देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा की और इसे जन आंदोलन का रूप दिया। स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर नागरिक जिम्मेदारी का विषय बनी। इस अभियान ने देशभर में स्वच्छता संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत किया और सफाई कर्मियों के योगदान को नई पहचान दिलाई।

प्रधानमंत्री मोदी ने सफाई कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता दी है। लंबे समय तक उपेक्षा का सामना करने वाले इस वर्ग के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सफाई कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए विभिन्न योजनाओं का विस्तार किया गया है। कौशल विकास, स्वरोजगार, वित्तीय सहायता और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित प्रयासों ने उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।
सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई में आधुनिक मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देना एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी सफाई कर्मचारी को अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य न करना पड़े। मशीनीकरण के माध्यम से कार्यस्थल की सुरक्षा बढ़ी है और मानवीय गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता मिली है। साथ ही सफाई कर्मचारियों के पुनर्वास, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए भी अनेक पहल की गई हैं।
सफाई कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए भी सरकार ने महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। छात्रवृत्ति योजनाएं, कौशल विकास कार्यक्रम और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मेरा मानना है कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब उसके सबसे कमजोर और वंचित वर्गों को समान अवसर और सम्मान प्राप्त हो।
डिजिटल भारत अभियान प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की एक और बड़ी उपलब्धि है। डिजिटल भुगतान प्रणाली, यूपीआई, ई-गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाओं ने आम नागरिकों के जीवन को सरल और पारदर्शी बनाया है। सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने से भ्रष्टाचार में कमी आई है और व्यवस्था अधिक जवाबदेह बनी है।
इसके साथ ही स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने युवाओं में नवाचार और उद्यमिता की नई भावना पैदा की है। आज भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक बन चुका है और लाखों युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत की प्रतिष्ठा अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। आज भारत वैश्विक मंच पर प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है। जी-20 की सफल अध्यक्षता ने भारत की नेतृत्व क्षमता और वैश्विक प्रभाव को नई पहचान प्रदान की। भारत ने दुनिया के सामने विकास, शांति और सहयोग का एक सकारात्मक मॉडल प्रस्तुत किया है।
12 वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियां विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आने वाले वर्षों में और अधिक प्रगति करेगा तथा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर सफाई कर्मचारियों, श्रमिकों, गरीबों और वंचित समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
राष्ट्र निर्माण में सफाई कर्मचारियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को सुनिश्चित करना केवल सरकार ही नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। एक स्वच्छ, सशक्त, समावेशी और विकसित भारत के निर्माण में हम सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी।
(लेखक: हरदीप सिंह गिल, वाइस चेयरमैन, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग)