Hilton Hotel Kathmandu: काठमांडू में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने गगनचुंबी हिल्टन होटल को आग के हवाले कर दिया। 800 करोड़ रुपये की लागत से बना नेपाल का सबसे ऊँचा होटल कुछ ही घंटों में जलकर खाक हो गया। यह अब नेपाल की प्रगति की राह में अनिश्चितता और निराशा का प्रतीक है।
वर्षों की कड़ी मेहनत, अरबों डॉलर के निवेश और सांस्कृतिक दूरदर्शिता से निर्मित नेपाल का सबसे ऊँचा होटल, हिल्टन काठमांडू, अब राख में तब्दील हो गया है। सरकार के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान उपद्रवियों ने इस होटल में आग भी लगा दी थी। नतीजतन, यह कुछ ही घंटों में पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
भ्रष्टाचार और सरकारी नीतियों से नाराज़ नेपाल के युवाओं ने इस आलीशान होटल के साथ-साथ सरकारी दफ्तरों और नेताओं के घरों में आग लगा दी । यह घटना नेपाल में गुस्से का प्रतीक बन गई है।
Hilton Hotel यसरी जल्दैछ।
After genz protesters set fire to the Hilton Hotel #GenZ #Nepalprotest #noCorruptoion pic.twitter.com/oNzUoBVOOZ— Pratima Makhim (@pmakhim) September 9, 2025
हिल्टन होटल
यह प्रतिष्ठित होटल काठमांडू के एक नक्सल प्रभावित इलाके के पास बनाया गया था। शंकर ग्रुप ने लगभग 800 करोड़ रुपये के निवेश से 2016 में इसका निर्माण शुरू किया था। यह परियोजना नेपाल के पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की महत्वाकांक्षा के साथ शुरू की गई थी।
कोविड महामारी सहित कई बाधाओं को पार करने के सात साल बाद, जुलाई 2024 में होटल का उद्घाटन हुआ। 64 मीटर ऊँची यह इमारत नेपाल का सबसे ऊँचा होटल भी थी। इसमें विभिन्न प्रकार के 176 कमरे थे।
#NepalGenZProtest The Hilton Hotel was set on fire by protesters yesterday and is still burning pic.twitter.com/iH048yQGCw
— Lomas Kumar Jha (@lomas_jha) September 10, 2025
हिल्टन काठमांडू सिर्फ़ एक आलीशान रिसॉर्ट नहीं था, बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर था। इसका डिज़ाइन बौद्ध प्रार्थना झंडों से प्रेरित था। इमारत के बाहरी हिस्से में लगे काँच के पैनल दिन में सूरज की रोशनी के अनुसार रंग बदलते थे और रात में रंगीन हो जाते थे।
इमारत का एक हिस्सा काठमांडू के शहरी जीवन को दर्शाने के लिए डिज़ाइन किया गया था, जबकि दूसरी तरफ से हिमालय का अद्भुत दृश्य दिखाई देता था। इसके अलावा, इसमें पाँच विशेष रेस्टोरेंट, एक स्पा, एक जिम और एक रूफटॉप बार, ‘ओरियन’ भी था। इसे भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके बनाया गया था।
लेकिन विडंबना देखिए! इसमें मानवीय आपदाओं का सामना करने की तकनीक नहीं थी। नतीजतन, आपदा शुरू होने के एक साल बाद ही यह होटल जलकर राख हो गया।
विरोध की आग में जलते हुए
हिमालयी देश में सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन जल्द ही भ्रष्टाचार और राजनीतिक अस्थिरता के खिलाफ एक व्यापक संघर्ष में बदल गया है। प्रदर्शनकारियों ने हिल्टन होटल में आग लगा दी है, जिससे काठमांडू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अस्थायी रूप से बंद हो गया है और देश के पर्यटन उद्योग को गहरा झटका लगा है।
कभी नेपाल के विकास का स्वप्न, पूंजी और कला का संगम, यह होटल अब जले हुए खंभों के ढाँचे के रूप में खड़ा है, जो नेपाल की प्रगति के मार्ग पर अनिश्चितता और निराशा का प्रतीक है।

