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TMC का नाम और सिंबल फ्रीज करने पर राहुल का EC पर हमला, ‘वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी’

rahul ghandhi

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नेशनल डेस्कः तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और BJP पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के मामले में भी इसी तरह का पैटर्न दिखाई दे रहा है। राहुल गांधी का आरोप है कि BJP और चुनाव आयोग मिलकर पहले किसी राजनीतिक पार्टी को कमजोर या विभाजित करते हैं और उसके बाद पार्टी के चुनाव चिन्ह पर भी फैसला किया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी राजनीतिक पार्टी को ही उसके नाम और पहचान से अलग किया जा सकता है, तो करोड़ों लोगों के वोट को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

राहुल गांधी ने अपने बयान में इसे ‘वोट चोरी’ और ‘पार्टी चोरी’ से जोड़ते हुए चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ‘वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी’ जैसे मामले लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं।

 

चुनाव आयोग की जिम्मेदारी पर भी सवाल
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की संवैधानिक भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि आयोग का मुख्य काम जनता के जनादेश यानी लोगों के दिए हुए वोट और फैसले की रक्षा करना है।
उनका आरोप है कि चुनाव आयोग अपनी इस जिम्मेदारी को सही तरीके से निभाने के बजाय उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को बदलना चाहती हैं।
हालांकि, ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं। चुनाव आयोग और BJP का पक्ष इस मामले में अलग हो सकता है और पूरे विवाद को समझने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बयानों को देखना जरूरी है।

TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर आयोग का अंतरिम आदेश
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद के बीच चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश जारी किया है। आयोग ने ‘All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Flowers and Grass’ चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनावों के संदर्भ में अंतरिम रोक लगाई है। आयोग ने दोनों गुटों को फिलहाल एक समान स्थिति में रखते हुए उनसे अलग-अलग अस्थायी नाम और चुनाव चिन्ह के विकल्प देने को कहा है। इस फैसले के बाद TMC के दोनों पक्षों को चुनाव के लिए अलग नाम और अलग चुनाव चिन्ह दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

राहुल गांधी बोले- यह सिर्फ ममता बनर्जी की लड़ाई नहीं
राहुल गांधी ने इस विवाद को केवल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या TMC से जुड़ा मामला मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा हर राजनीतिक पार्टी और हर मतदाता से जुड़ा है। खास तौर पर उन लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण है, जो देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था चाहते हैं। राहुल गांधी ने अपने बयान के जरिए चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठाया है।

ममता गुट ने आयोग के आदेश का किया विरोध
चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी गुट ने गुरुवार रात 11 बजकर 36 मिनट पर चुनाव आयोग को अपना जवाब भेजा। इसमें आयोग के अंतरिम आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। ममता गुट ने आयोग के फैसले के खिलाफ ‘सबसे कड़ा विरोध’ दर्ज कराने की बात कही है।

वैकल्पिक नाम और चुनाव चिन्ह भी बताए
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से अस्थायी नाम और चुनाव चिन्ह के विकल्प मांगे थे। इसके लिए शुक्रवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया था। ममता बनर्जी गुट ने विरोध दर्ज कराने के साथ-साथ आयोग को वैकल्पिक नाम और चुनाव चिन्ह के विकल्प भी बताए हैं। अब चुनाव आयोग इन विकल्पों की जांच करने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा।

शिवसेना और NCP का भी दिया गया उदाहरण
राहुल गांधी ने अपने बयान में शिवसेना और NCP के विवादों का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि पहले इन दोनों पार्टियों के मामलों में पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद हुआ और अब TMC के मामले में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है। राहुल गांधी ने इन घटनाओं को चुनावी लोकतंत्र और राजनीतिक दलों के अधिकारों से जोड़ते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाया है। फिलहाल TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया जारी है। आने वाले समय में आयोग दोनों गुटों द्वारा दिए गए वैकल्पिक नाम और चुनाव चिन्ह पर फैसला करेगा।

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