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पहले हाथ जोड़ा फिर संसद में आमने-सामने आए राहुल गांधी-पीएम मोदी, सोशल मीडिया पर छाई वीडियो

pm modi vs rahul ghandhi

नई दिल्लीः सियासत में अक्सर नेताओं के बीच बयानबाजी बहुत तेज और तीखी होती है। अलग-अलग मंचों पर उनके विचारों में दूरी साफ नजर आती है। लेकिन कभी-कभी ऐसे पल भी आते हैं जब वही नेता आमने-सामने खड़े होकर सामान्य तरीके से बातचीत करते दिखाई देते हैं। ऐसे ही एक पल ने हाल ही में खूब चर्चा बटोरी है। वहीं, शनिवार को संसद भवन परिसर में एक दिलचस्प दृश्य देखने को मिला। प्रधानमंत्री Narendra Modi और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi अचानक आमने-सामने आए और कुछ सेकंड तक बातचीत करते नजर आए। यह मुलाकात छोटी जरूर थी, लेकिन इसका महत्व काफी बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक मंचों पर तीखी बयानबाजी देखने को मिलती है।

ज्योतिराव फुले को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे प्रधानमंत्री
यह घटना उस समय की है जब प्रधानमंत्री Narendra Modi महान समाज सुधारक Jyotirao Phule की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने के लिए संसद परिसर के प्रेरणा स्थल पहुंचे थे। वहां पहले से Rahul Gandhi समेत कई अन्य नेता मौजूद थे। जैसे ही प्रधानमंत्री वहां पहुंचे, उन्होंने सभी नेताओं से एक-एक कर मुलाकात की।

 

कुछ सेकंड की बातचीत बनी चर्चा का विषय
जब प्रधानमंत्री Narendra Modi राहुल गांधी के पास पहुंचे, तो दोनों कुछ पल के लिए रुके और हल्की बातचीत करते दिखाई दिए। इस दौरान वहां लोकसभा स्पीकर Om Birla, केंद्रीय मंत्री Arjun Ram Meghwal और राज्यसभा के पूर्व उपसभापति Harivansh Narayan Singh भी मौजूद थे। हालांकि दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह दृश्य सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

क्यों खास है यह मुलाकात?
यह मुलाकात इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि संसद और चुनावी रैलियों में अक्सर दोनों नेताओं के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिलते हैं। ऐसे माहौल में जब दोनों नेता आमने-सामने आए और सहज तरीके से बातचीत करते नजर आए, तो यह एक अलग संदेश देता है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद बातचीत की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है।

प्रधानमंत्री ने ज्योतिराव फुले के विचारों को बताया प्रेरणादायक
इस मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Jyotirao Phule को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि फुले का जीवन समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित था। उन्होंने खास तौर पर महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए जो काम किया, वह आज भी प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि फुले के विचार आज के समाज को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शन करते रहेंगे।

 

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