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हंगामे के बीच राहुल की चेतावनी: स्थिरता से अस्थिरता की ओर अग्रसर दुनिया

NEET Admit Card Controversy

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Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को लंबे गतिरोध के बाद सदन में अपना संबोधन दिया। उनके बोलने के लिए खड़े होते ही कांग्रेस सांसदों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया, जिससे सदन में कुछ देर के लिए हंगामा भी हुआ। स्थिति संभालने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी के भाषण की पूर्व सूचना नहीं थी।

‘दुनिया अस्थिरता के दौर में प्रवेश कर रही है’
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने आर्थिक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि उसमें दो महत्वपूर्ण और गहरी बातें सामने आई हैं। पहली, दुनिया में भू-राजनीतिक टकराव तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के वैश्विक वर्चस्व को अब चीन, रूस और अन्य शक्तियां चुनौती दे रही हैं। दूसरी बात, उनके अनुसार, ऊर्जा और वित्तीय संसाधनों का हथियार के रूप में इस्तेमाल बढ़ रहा है। “हम स्थिरता की दुनिया से अस्थिरता की दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं।”

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‘युद्ध जैसी परिस्थितियों में जी रहे हैं’
राहुल गांधी ने वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि यूक्रेन, गाजा और मध्य-पूर्व में जारी संघर्षों ने विश्व व्यवस्था को अस्थिर कर दिया है। उन्होंने ईरान में संभावित तनाव का भी उल्लेख किया। साथ ही भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का संदर्भ देते हुए कहा कि वर्तमान समय वैश्विक अनिश्चितता का है।

उन्होंने कहा कि डॉलर की वैश्विक भूमिका को भी चुनौती मिल रही है और दुनिया एकध्रुवीय व्यवस्था से निकलकर किसी नई, बहुध्रुवीय संरचना की ओर बढ़ रही है। “हम एक सुपरपावर-प्रधान दुनिया से ऐसी व्यवस्था की ओर जा रहे हैं, जिसकी स्पष्ट तस्वीर अभी सामने नहीं है।”

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सदन में राजनीतिक तापमान
राहुल गांधी के संबोधन के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। हालांकि भाषण का मुख्य फोकस वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक परिदृश्य पर रहा। इस संबोधन के जरिए राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के भारत की अर्थव्यवस्था और नीति-निर्माण पर संभावित प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।

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