नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में देश के मुसलमानों ने शुक्रवार की जुमे की नमाज अदा करने के बाद आक्रोश जाहिर किया और पाकिस्तान के विरोध में नारेबाजी की। सभी राज्यों में मुसलमानों ने आतंकवादी घटना की निंदा की और पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कश्मीर के पहलगाम शहर के बैसरन में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की मौत हो गयी थी, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे। सभी राज्यों की कई मस्जिदों में शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने नमाजी काली पट्टी बांधकर पहुंचे और पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

दिल्ली के जामा मस्जिद में नमाजियों ने पोस्टर लेकर पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। संभल की शाही जामा मस्जिद में नमाज पढ़ कर निकले साकिर हुसैन ने कहा, जिन निहत्थे लोगों के साथ यह जुल्म हुआ और हमारी बहनों का सुहाग उजाड़ दिया गया, बेहद ही दुखद घटना है। उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, आतंकवादियों और उनके आकाओं को सबक सिखाने का यह सही समय है। मेरी सरकार से गुजारिश है कि इन आतंकवादियों को ऐसा सबक मिले कि नस्ले भी याद रखें।
वहीं सईद अख्तर इसराइली ने कहा, भारत को पाकिस्तान से सारे समझौते रद्द करने चाहिए और जहां-जहां आतंकवादियों के शिविर हैं उन्हें नष्ट कर देना चाहिए। अख्तर ने कहा, हमले में मारे गये निहत्थे लोगों के लिए मस्जिद में हम लोगों ने दुआ की। यह पूरी इंसानियत का कत्ल है और इस दुख की घड़ी में हम उन परिवारजनों के साथ हैं।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे
वहीं उतर प्रदेश के चंदौसी की तकिए वाली मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद शाह आलम मंसूरी ने कहा कि पाकिस्तान लगातार भारत में आतंकवाद करके निर्दोष लोगों की जान ले रहा है लेकिन अबकी बार आर पार से कम बात नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, आज हमने काली पट्टी बांध कर आतंकवाद का विरोध किया है। आज देश का हर मुसलमान आतंकवाद के खिलाफ देश के साथ खड़ा है। सहारनपुर जिले के देवबंद स्थित दारुल उलूम के प्रबंधक मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने पहलगाम में ‘जघन्य’ आतंकवादी हमले को कायराना हरकत करार देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
नोमानी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और साथ ही इसे देश की एकता और अखंडता के लिये खतरा बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा, हमारी संवेदना पीड़ित परिवारों के साथ है और हम घायलों के जल्द स्वस्थ होने की दुआ करते हैं। नोमानी ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लें और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मुसलमान उन दुखी परिवारों के साथ हैं
जमीयत उलेमा ए हिन्द के दोनों धड़ों ने भी आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। जमीयत के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने पहलगाम में हुई घटना पर कहा कि बेगुनाह लोगों की हत्या करने वाले इंसान नहीं दरिंदे हैं। उन्होंने कहा कि इस्लाम में आतंकवाद की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि आतंकवाद इस्लाम की शान्ति प्रिय नीति के खिलाफ है। जमीयत के दूसरे गुट के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने इस घटना को अमानवीय कृत्य बताया।
उन्होंने कहा कि इस घटना को किसी धर्म से नहीं जोड़ा जा सकता और जो लोग इसे इस्लाम से जोड़ने की कोशिश कर रहे है, वे इस्लाम की सच्ची शिक्षा से अनजान हैं। दोनों गुटों के अध्यक्षों ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने बरेली में कहा कि पहलगाम की घटना बर्बर और कायराना है। उन्होंने कहा कि भारत का मुसलमान उन दुखी परिवारों के साथ हैं, जो लोग इस घटना में प्रभावित हुए।
देश में अमन व शांति कायम रहे
रिजवी ने कहा कि घटना के बाद आज (शुक्रवार) जुमे की नमाज हुई और हमने ऐलान किया कि तमाम मस्जिद के इमाम और सभी नमाजी देश की एकता व अखंडता के लिए दुआ किए, और इस बात के लिए भी दुआ किए, कि हमारे देश में अमन व शांति कायम रहे। उन्होंने कहा कि सभी मुसलमानों ने एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की मांग की। वहीं बुलंदशहर में मुस्लिम समाज के सदस्यों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में आतंकवाद का पुतला फूंका। मुस्लिम समाज के सदस्यों ने जुमे की नमाज के बाद अनूपशहर रोड पर आतंकवाद का पुतला फूंका और सरकार से आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष पप्पन खान ने बताया कि आज (शुक्रवार को) मुस्लिम समाज के लोगों ने आतंकवाद का पुतला फूंका है। वहीं हापुड़ जिले में विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों ने जनाक्रोश मार्च निकाला और इस दौरान पाकिस्तान का पुतला फूंका। संगठनों ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के समर्थन में शहर के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर व पोस्टर लेकर सड़कों पर मार्च निकाला और आतंकवाद व पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की।