जयपुर: राजस्थान कांग्रेस ने बीकानेर शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा और मोहित अरोड़ा को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया है। कांग्रेस ने यह फैसला मेघवाल की ओर से की गई शिकायत के आधार पर लिया है। पार्टी का कहना है कि जिला अध्यक्ष के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर अनुशासनहीनता है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कार्यालय उद्घाटन के दौरान हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला बीकानेर नगर निगम के वार्ड 50, प्रगाशी में कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुआ। कांग्रेस के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा, मोहित अरोड़ा और कुछ अन्य लोगों ने मदन गोपाल मेघवाल के साथ कथित तौर पर मारपीट की और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। घटना के बाद मेघवाल ने पार्टी में इसकी शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस ने दोनों पूर्व पार्षदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
कांग्रेस ने जारी किया कार्रवाई का पत्र
पार्टी की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि बीकानेर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर अनुशासनहीनता है। इसी आधार पर दीपक अरोड़ा और मोहित अरोड़ा को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया गया। पार्टी के इस फैसले से साफ है कि कांग्रेस अपने जिला अध्यक्ष के साथ हुई कथित घटना को गंभीरता से ले रही है।
पूर्व पार्षद श्री दीपक अरोड़ा एवं श्री मोहित अरोड़ा को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्ष की अवधि के लिए निलंबित किया जाता है। pic.twitter.com/uC4j38jUtc
— Rajasthan PCC (@INCRajasthan) September 3, 2026
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
इस विवाद से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और ज्यादा तूल पकड़ लिया। वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक स्तर पर भी बयानबाजी शुरू हो गई। बीजेपी ने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पार्टी के अंदर चल रहे विवाद और असंतोष पर सवाल उठाए।
निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का फैसला
कांग्रेस की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब राजस्थान में निकाय चुनाव होने वाले हैं। राज्य में नगर निगम चुनाव 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में होने हैं। चुनाव से ठीक पहले बीकानेर कांग्रेस में हुई इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के लिए चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता और अनुशासन बनाए रखना बड़ी चुनौती हो सकती है। बीकानेर में आगामी निकाय चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। ऐसे में पार्टी के अंदर हुए इस विवाद का चुनावी माहौल पर भी असर पड़ने की चर्चा है।
कांग्रेस के सामने अब अनुशासन बनाए रखने की चुनौती
इस पूरे मामले के बाद कांग्रेस ने दोनों पूर्व पार्षदों को 6 साल के लिए निलंबित कर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी ने संकेत दिया है कि वरिष्ठ पदाधिकारी के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट को अनुशासनहीनता माना जाएगा। अब देखना होगा कि निकाय चुनाव के दौरान इस विवाद का बीकानेर में कांग्रेस की चुनावी रणनीति और कार्यकर्ताओं की एकजुटता पर कितना असर पड़ता है।
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वीडियो सामने आने के बाद राजस्थान बीजेपी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। बीजेपी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर असंतोष के कारण पार्टी के ही कार्यकर्ताओं ने बीकानेर शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष के साथ कथित तौर पर मारपीट की। बीजेपी ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी पार्टी के कार्यकर्ता अपने ही जिला अध्यक्ष के साथ हिंसा करते हैं, तो वह जनता के हित और प्रदेश के विकास की बात कैसे कर सकती है।

