Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

हंगामे के कारण राज्यसभा में नहीं हुआ शून्यकाल

December 9, 2024

हंगामे के कारण राज्यसभा में नहीं हुआ शून्यकाल

Rajya Sabha : राज्यसभा में सोमवार को नियम 267 के अंतर्गत नोटिस खारिज होने को लेकर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया और सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

सभापति जगदीप धनखड़ ने सुबह सदन के कार्यवाही शुरू करते हुए कांग्रेस सदस्य सोनिया गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाएं।

इसके बाद श्री धनखड़ ने कहा कि उन्हें नियम 267 के तहत 11 नोटिस मिले हैं, जिन्हें प्रावधानों के अनुरूप नहीं होने के कारण खारिज किया जा रहा है। यह नोटिस किसानों के विरोध प्रदर्शन, मणिपुर हिंसा और भारत के विरुद्ध काम करने वाले संगठनों को लेकर है। ये नोटिस पक्ष- विपक्ष के सदस्यों ने दिए थे।

नोटिस खारिज करने की घोषणा करने के बाद श्री धनखड़ ने जैसे ही शून्य काल शुरू करने के लिए सदस्यों का नाम पुकारा तो सत्ता पक्ष के कई सदस्य अपनी सीटों खड़े हो गए और नियम 267 के अंतर्गत भारत के विरुद्ध काम करने वाले संगठनों पर चर्चा करने की मांग करने लगे।

इस पर विपक्ष के सदस्यों ने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग सदन की कार्यवाही नहीं चलने देना चाहते हैं। कांग्रेस के प्रमोद तिवारी और जय राम रमेश तथा आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने कहा कि शून्य काल अवश्य चलाया जाना चाहिए। विपक्ष के नेता मल्लिकाजरुन खरगे ने कहा कि सदन में लोकतंत्र खत्म किया जा रहा है।

टीएमसी के जी के वासन, द्रविड़ मुनेत्र कषगम् के तिरुचि शिवा ने भी शून्यकाल चलाने की मांग की। सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि नियमों की पालना सुविधा के अनुसार नहीं की जा सकती। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सदन में व्यवस्था बनाए रखना चाहिए और सभी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

भाजपा के लक्ष्मी शंकर बाजपेयी ने कहा कि भारत के विरुद्ध काम करने वाले विदेशी संगठनों से कुछ भारतीयों के रिश्ते हैं। इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए।

इस दौरान सदन में शोर शराबा होता रहा। सभापति ने कई बार शून्य काल शुरू करने का प्रयास किया और सभी दलों के नेताओं से सदन चलाने में सहयोग का आह्वान किया। लेकिन सदन में व्यवस्था नहीं बन सकी तो उन्होंने कार्रवाई 12:00 बजे तक स्थगित करने की घोषणा दी।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें