Ram Temple Donation theft case: राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी होगी। वहीं, फैजाबाद बार एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि कोई भी वकील इन आरोपियों की ओर से अदालत में पैरवी नहीं करेगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने बताया कि यदि कोई अधिवक्ता आरोपियों का केस लड़ता है तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही उसका वकालत का लाइसेंस रद्द कराने की भी कार्रवाई की जाएगी।
चंपत राय समेत तीन लोगों को लेकर चेतावनी
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ये तीनों लोग तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़ दें। चेतावनी दी गई कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो पूरे अयोध्या शहर में जाम लगाया जाएगा और किसी को भी शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। हालांकि, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा को अयोध्या से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, ताकि जांच प्रभावित न हो।
पुलिस ने चंपत राय से की पूछताछ
सोमवार सुबह पुलिस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से कई घंटों तक बंद कमरे में पूछताछ की। इस दौरान उनके बयान भी दर्ज किए गए। पूछताछ में चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, दान राशि जमा करने की व्यवस्था और पूरे मामले से जुड़े कई सवाल पूछे गए। जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी ने ट्रस्ट के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के भी बयान दर्ज किए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चढ़ावे की राशि कैसे एकत्र की जाती थी, उसकी गिनती कैसे होती थी और उसे बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया क्या थी।
आठ लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी का मामला 6 जून को सामने आया था। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने के बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज कराई गई। रिपोर्ट के आधार पर चढ़ावे की गिनती में शामिल कर्मचारी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, पर्यवेक्षण कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव तथा चंपत राय के चालक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
एसआईटी रिपोर्ट में चोरी की पुष्टि
एसआईटी की जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों ने दान की रकम में हेराफेरी और चोरी की। रिपोर्ट में पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निभा रहे सुभाष श्रीवास्तव और बैंक से जुड़े पर्यवेक्षण कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। इसी आधार पर पुलिस ने मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी कितनी राशि की हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

