न्यूज डेस्क: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रहने वाले युवा रवि टम्टा इन दिनों अपने अनोखे आविष्कार को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने एक सिंगल-सीटर फ्लाइंग कार (एक व्यक्ति के बैठने वाला उड़ने वाला वाहन) का प्रोटोटाइप तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट को उन्होंने अपनी स्टार्टअप कंपनी हैपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड के तहत विकसित किया है। इस प्रोटोटाइप का नाम हैपिडा स्काईनेक्स रखा गया है।
रवि टम्टा के अनुसार, इस फ्लाइंग कार को तैयार करने में उन्हें करीब एक साल का समय लगा। उन्होंने बताया कि यह वाहन आधुनिक ड्रोन तकनीक पर आधारित है, जिसमें कई तकनीकी सुधार किए गए हैं। सभी तैयारियों के बाद अल्मोड़ा के एक खुले मैदान में इसका परीक्षण किया गया, जहां रवि ने खुद इसमें बैठकर इसकी सफल उड़ान का प्रदर्शन किया।
रवि ने इस उपलब्धि की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे अपने जीवन का सबसे खास दिन बताया। उन्होंने कहा कि हैपिडा स्काईनेक्स की पहली सफल उड़ान कई वर्षों की मेहनत, शोध, तकनीकी प्रयोग और लगातार किए गए प्रयासों का नतीजा है। उनका कहना है कि यह प्रोटोटाइप भारत में पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल (व्यक्तिगत उड़ने वाले वाहन) विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
A remarkable innovation has emerged from Kaflikhan village near Jageshwar Dham in Almora, Uttarakhand. Young innovator Ravi Tamta has successfully tested the prototype of HAPIDA SKYNeX, an electric personal flying vehicle developed by his company, Hapida Sky Private Limited.
This… pic.twitter.com/Vyn9CE8BGr— Manjeet Negi (@manjeetnegilive) August 7, 2026
फ्लाइंग कार की उड़ान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में यह सिंगल-सीटर वाहन जमीन से उड़ान भरता हुआ दिखाई दे रहा है। लोग इस वीडियो को बड़े पैमाने पर शेयर कर रहे हैं और रवि टम्टा की मेहनत व नवाचार की सराहना कर रहे हैं। रवि टम्टा इससे पहले भी अपने आविष्कारों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। वर्ष 2019 में उन्होंने एक इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन विकसित करने का दावा किया था। उनका कहना था कि इस तकनीक की मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों को बहुत कम समय में चार्ज किया जा सकता है। उस समय उन्होंने हल्द्वानी में इसका प्रदर्शन भी किया था और दावा किया था कि यह तकनीक पारंपरिक चार्जिंग की तुलना में तेज और कम खर्चीली हो सकती है।
रवि की इस उपलब्धि पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रवि टम्टा की सफलता यह साबित करती है कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि रवि का यह प्रयास केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा है। मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे आगे भी विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
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