चेन्नई: तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) आउटलेट से शराब खरीदने वाले ग्राहकों को अक्टूबर के पहले सप्ताह से प्रति बोतल 10 रुपये ज़्यादा देने पड़ सकते हैं। यह एक प्रस्तावित व्यवस्था के तहत है, जिसमें खाली बोतलें वापस करने पर पैसे वापस (रिफंड) मिलने का प्रावधान है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह रकम हर बोतल पर छपी ज्यादा से ज्यादा रिटेल कीमत (एमआरपी) के अलावा ली जाएगी। इस कदम से काउंटर पर चुकाई जाने वाली रकम बढ़ जाएगी, लेकिन खाली बोतलें वापस करने पर ग्राहकों को 10 रुपये वापस मिल जाएंगे।
इस व्यवस्था का मकसद शराब की खाली बोतलों को इकट्ठा करने और रिसाइकल करने से जुड़ी समस्याओं को हल करना है। अतिरिक्त पेमेंट को रिफंड से जोड़ने का मकसद खरीदारों को शराब पीने के बाद बोतलें शराब की दुकानों पर वापस करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकार ने टैक्स कानून में बदलाव करके शराब की हर बोतल पर 20 रुपये तक का पर्यावरण और सामाजिक कल्याण लेवी (टैक्स) लगाने का प्रावधान किया है। हालांकि, शुरुआती तौर पर यह लेवी 10 रुपये प्रति बोतल तय की गई है। तय सीमा और प्रस्तावित रकम के बीच के अंतर का मतलब है कि ग्राहकों को 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे, भले ही संशोधित प्रावधान में 20 रुपये तक की लेवी लगाने की इजाजत है। इस व्यवस्था में शुरुआत में ही ज्यादा से ज्यादा तय रकम वसूलने की बात नहीं कही गई है।
टीएएसएमएसी तमिलनाडु में अपने आउटलेट्स के जरिए शराब की खुदरा बिक्री के लिए जिम्मेदार राज्य सरकार का उपक्रम है। टीएएसएमएसी बोतलें बिकने पर अतिरिक्त रकम वसूलेगा। जब ग्राहक खाली बोतलें लौटाएंगे, तो उन्हें रिफंड दिया जाएगा। खरीदारों पर इसका तुरंत असर यह होगा कि उन्हें खरीदते समय ज्यादा पैसे देने होंगे। यह अतिरिक्त खर्च बोतल लौटाने की प्रक्रिया से वापस मिल जाएगा, जिससे यह प्रस्तावित उपाय शराब की असल खुदरा कीमत में स्थायी बढ़ोतरी से अलग होगा।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इस व्यवस्था से तय खुदरा कीमत और बोतल के लिए तय चार्ज के अलावा अतिरिक्त पैसे वसूलने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। इसलिए, 10 रुपये की वसूली को शराब की कीमत से अलग दिखाया जाएगा।
खबरों के मुताबिक, इसे मदुरंतकम और तिरुपुर उपचुनावों के बाद लागू करने की योजना है, और अक्टूबर के पहले हप्ते में इसके शुरू होने की संभावना है। रिपोर्ट्स में इसे शुरू करने की कोई पक्की तारीख नहीं बताई गई है और न ही बोतलें लौटाने और रिफंड पाने की विस्तृत प्रक्रिया के बारे में बताया गया है। ये ऑपरेशनल डिटेल्स ही तय करेंगी कि प्रस्तावित सिस्टम के तहत राज्य भर के टीएएसएमएसी आउटलेट्स पर वसूली शुरू होने के बाद ग्राहक इस व्यवस्था का इस्तेमाल कैसे करेंगे।