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यौन शोषण मामले में बृजभूषण सिंह को बड़ी राहत, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने किया बरी, क्या फिर लड़ेंगे चुनाव?

नई दिल्लीः महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े चर्चित मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी कानूनी राहत मिली है। सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया। अदालत ने उपलब्ध सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर यह फैसला सुनाया।

फैसले से पहले कोर्ट पहुंचे थे बृजभूषण
सोमवार सुबह फैसला आने से पहले बृजभूषण शरण सिंह दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें अदालत के फैसले पर पूरा भरोसा है और वह केवल वही स्वीकार करेंगे जो कोर्ट तय करेगा। उन्होंने कहा, “मेरे हाथ में कुछ भी नहीं है, जो फैसला अदालत करेगी, वही मेरे लिए मान्य होगा।”

 

अदालत ने बृजभूषण और विनोद तोमर दोनों को दी राहत
फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के साथ-साथ इस मामले में आरोपी बनाए गए विनोद तोमर को भी बरी कर दिया। इस फैसले के बाद दोनों को इस मामले में कानूनी राहत मिल गई है। यह मामला पिछले कई महीनों से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ था।

आरोपों के बाद 2024 लोकसभा चुनाव में नहीं मिला था टिकट
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बृजभूषण शरण सिंह को उत्तर प्रदेश की कैसरगंज सीट से टिकट नहीं दिया था। यह फैसला उस समय काफी चर्चा में रहा था क्योंकि बृजभूषण कई बार इस सीट से सांसद रह चुके थे।

बेटे करण भूषण सिंह को मिला था चुनाव लड़ने का मौका
बृजभूषण शरण सिंह की जगह भाजपा ने उनके बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में करण भूषण सिंह ने जीत हासिल की। इससे यह भी माना गया कि क्षेत्र में बृजभूषण शरण सिंह का राजनीतिक प्रभाव और जनाधार अब भी मजबूत बना हुआ है।

फैसले के बाद फिर राजनीति में वापसी की चर्चा
अब जब दिल्ली की अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को इस मामले में बरी कर दिया है, तो राजनीतिक गलियारों में उनकी संभावित वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या भाजपा भविष्य में उन्हें फिर से चुनाव लड़ने का मौका देगी और क्या वह एक बार फिर सक्रिय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाते नजर आएंगे।

आगे क्या होगा
हालांकि अदालत के इस फैसले से बृजभूषण शरण सिंह को राहत जरूर मिली है, लेकिन उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अंतिम फैसला उनकी पार्टी की रणनीति और आने वाले चुनावों की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल इस फैसले के बाद उनकी चुनावी वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की नजर भाजपा के अगले कदम पर रहेगी।

 

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