CBSE 10th Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने मिडिल ईस्ट देशों जैसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कतर, और कुवैत में स्थित अपने संबद्ध स्कूलों के लिए एक विशेष मूल्यांकन योजना की घोषणा की है। यह कदम उन हजारों छात्रों के लिए राहत की खबर है, जिनकी कुछ विषयों की परीक्षाएँ स्थानीय छुट्टियों या अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण प्रभावित हुई थीं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि 10वीं कक्षा के परिणाम छात्रों द्वारा दी गई परीक्षाओं की संख्या पर आधारित होंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी छात्र का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो और सभी के साथ निष्पक्षता बनी रहे।
CBSE रिजल्ट तैयार करने का तरीका
CBSE ने छात्रों को तीन श्रेणियों में बांटते हुए मूल्यांकन करने की प्रक्रिया बनाई है:
तीन से अधिक विषयों की परीक्षा देने वाले छात्र
ऐसे छात्रों के लिए उनके सर्वश्रेष्ठ तीन विषयों के अंकों का औसत लिया जाएगा। यह औसत उन विषयों में लागू होगा जिनकी परीक्षा छात्र ने नहीं दी।
केवल तीन विषयों की परीक्षा देने वाले छात्र
इस श्रेणी में आने वाले छात्रों के सर्वश्रेष्ठ दो विषयों के अंकों का औसत शेष विषयों के लिए लागू किया जाएगा।
एक या दो विषयों की परीक्षा देने वाले छात्र
बहुत कम छात्र ऐसे होंगे जिन्होंने केवल एक या दो विषयों की परीक्षा दी। उनके अंक इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और प्रैक्टिकल मार्क्स के आधार पर तय किए जाएंगे।
मिडिल ईस्ट के छात्रों के लिए विशेष प्रावधान
मिडिल ईस्ट में CBSE स्कूल भारत के बाहर सबसे बड़े नेटवर्क में से एक हैं। यहाँ अक्सर रमज़ान की छुट्टियाँ और स्थानीय प्रशासनिक कारणों से परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव होते रहते हैं। इसलिए बोर्ड ने स्कूल प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों के इंटरनल मार्क्स समय पर पोर्टल पर अपलोड करें।
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यदि कोई छात्र अपने औसत अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो उसे बाद में इम्प्रूवमेंट परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा। यह पूरी तरह वैकल्पिक होगा और पहले घोषित रिजल्ट तब तक मान्य रहेगा। बोर्ड ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अपडेट के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर ही भरोसा करें।

