Last Updated: October 4, 2026

Dainik Savera Times Logo

पंजाब और बंगाल की गणतंत्र दिवस की झांकियां थीम के अनुरूप नहीं : रक्षा मंत्रालय

December 31, 2023

पंजाब और बंगाल की गणतंत्र दिवस की झांकियां थीम के अनुरूप नहीं : रक्षा मंत्रालय

नई दिल्ली। पंजाब, दिल्ली और पश्चिम बंगाल की आलोचना का सामना कर रहे रक्षा मंत्रालय ने रविवार को स्पष्ट किया कि उनकी झांकी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं किया गया, क्योंकि वे इस साल की झांकी के व्यापक विषयों के साथ मेल नहीं खाती थीं। पंजाब और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रियाओं का हवाला देते हुए मीडिया रिपोटरें पर प्रतिक्रिया करते हुए, रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ‘‘गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिए झांकियों के चयन के लिए एक स्थापित प्रणाली है, इसके अनुसार रक्षा मंत्रालय सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी), केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की झांकी का प्रस्ताव आमंत्रित करता है।’’

‘‘झांकी के प्राप्त प्रस्तावों का मूल्यांकन झांकी के चयन के लिए विशेषज्ञ समिति की बैठकों में किया जाता है, इसमें कला, संस्कृति, चित्रकला, मूर्तकिला, संगीत, वास्तुकला, कोरियोग्राफी आदि के क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल होते हैं। ‘‘विशेषज्ञ समिति अपनी सिफारिशें करने से पहले थीम, अवधारणा, डिजाइन और उसके दृश्य प्रभाव के आधार पर प्रस्तावों की जांच करती है। परेड की कुल अवधि में झांकियों के लिए आवंटित समय के कारण, विशेषज्ञ समिति द्वारा झांकियों की शॉर्टलिस्टिंग की जाती है, इससे परेड में सर्वश्रेष्ठ झांकियों की भागीदारी होती है।

गणतंत्र दिवस परेड के लिए पंजाब और पश्चिम बंगाल सहित 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने इसमें भाग लेने की इच्छा जताई थी। इन 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से, हर साल की तरह, उनमें से केवल 15-16 को गणतंत्र दिवस परेड में अपनी झांकी प्रस्तुत करने के लिए अंतिम रूप से चुना जाएगा।

इसमें कहा गया है कि विशेषज्ञ समिति की बैठक के पहले तीन दौर में पंजाब की झांकी के प्रस्ताव पर विचार किया गया था। तीसरे दौर की बैठक के बाद, इस वर्ष की झांकी के व्यापक विषयों के अनुरूप नहीं होने के कारण झांकी को समिति द्वारा आगे विचार के लिए आगे नहीं बढ़ाया जा सका। हालांकि, विशेषज्ञ समिति की बैठक के पहले दो दौर में पश्चिम बंगाल की झांकी के प्रस्ताव पर विचार किया गया था।

दूसरे दौर की बैठक के बाद, इस वर्ष की झांकी के व्यापक विषयों के अनुरूप नहीं होने के कारण झांकी को आगे विचार के लिए आगे नहीं बढ़ाया जा सका। पिछले कुछ वर्षों में, पंजाब की झांकी को 2017 से 2022 तक आठ वर्षों में छह बार गणतंत्र दिवस परेड के लिए चुना गया था, जबकि पश्चिम बंगाल की झांकी को आठ वर्षों में पांच बार 2016, 2017, 2019, 2021 में और 2023 में चुना गया।

रक्षा मंत्रलय ने स्पष्ट किया,चूंकि राज्यों के साथ समान व्यवहार किया जाना है, इसलिए यह आवश्यक है कि राज्यों को एक सूत्र के अनुसार अपनी झांकियां प्रदर्शति करने का अवसर दिया जाना चाहिए। भारत सरकार सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल करते हुए तीन साल का एक कार्यक्रम तैयार कर रही है, जिसे उन सभी के साथ साझा किया जाएगा। इसलिए, इन राज्यों द्वारा की गई आलोचना निराधार है। इसके अलावा, जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को गणतंत्र दिवस परेड के लिए नहीं चुना गया है, उन्हें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ हस्ताक्षरित एमओयू के अनुसार 23-31 जनवरी के दौरान लाल किले में भारत पर्व में अपनी झांकी दिखाने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें