नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया है। दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को निजी वजहों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और जिंदगी के नए मकसद का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था। सोमवार रात करीब 11 बजे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इस्तीफा मंजूर होने की जानकारी शेयर करते हुए दिव्या ने कवि जयशंकर प्रसाद के मशहूर नाटक ‘चंद्रगुप्त’ की पंक्ति लिखी- “प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।”
— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) September 14, 2026
वैष्णो देवी पहुंची थीं दिव्या मित्तल
इस्तीफा मंजूर होने से दो दिन पहले दिव्या मित्तल ने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था, “आगे की राह कठिन है… सदबुद्धि देना मां।” उनकी इस पोस्ट के बाद उनके अगले कदम को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे।
अभी करीब 17 साल की नौकरी थी बाकी
2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल तक सरकारी सेवा की। खास बात यह है कि इस्तीफा देने के समय उनकी लगभग 17 साल की नौकरी अभी बाकी थी। दिव्या ने IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से MBA किया। इसके बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की।
अच्छी-खासी तनख्वाह वाली नौकरी छोड़कर वह भारत लौटीं और UPSC की तैयारी शुरू की। दिव्या ने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर IPS हासिल किया। उन्हें गुजरात कैडर मिला। IPS की ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने IAS की तैयारी जारी रखी और अगले ही साल 2013 में IAS बन गईं।
मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया की रह चुकी हैं DM
दिव्या मित्तल मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। उनकी गिनती सख्त और बेबाक अफसरों में होती रही है। काम में लापरवाही मिलने पर वह अफसरों को मौके पर ही फटकार लगाने के लिए भी जानी जाती थीं। मई में उन्हें देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर लखनऊ में राजस्व विभाग का विशेष सचिव बनाया गया था। करीब चार महीने पहले ही उनका देवरिया से तबादला हुआ था।
पति ने भी छोड़ी सरकारी नौकरी
दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह भी सरकारी अधिकारी रह चुके हैं। वह 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (ITS) अधिकारी थे। साल 2022 में उन्होंने भी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। गगनदीप सिंह ने IIT दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और IIM बेंगलुरु से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उन्होंने 2010 में अपने पहले प्रयास में UPSC पास किया था और भारतीय व्यापार सेवा में चयनित हुए थे। सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद गगनदीप ने ‘न्यूरोकैप’ नाम की कंपनी शुरू की। यह कंपनी भारत और विदेशों से ट्रेडिंग का कारोबार करती है।
जानिए उनके करियर और आगे की राह की पूरी कहानी
उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया है। केंद्र सरकार ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को इस्तीफा दिया था। उन्होंने इसके पीछे निजी कारण, परिवार की जिम्मेदारियां और जिंदगी में कुछ नया करने की इच्छा को वजह बताया था। सोमवार रात करीब 11 बजे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके इस्तीफा मंजूर होने की जानकारी लोगों के साथ साझा की।
इस्तीफा मंजूर होने पर लिखी खास पंक्ति
इस्तीफा मंजूर होने की जानकारी देते हुए दिव्या मित्तल ने कवि जयशंकर प्रसाद के प्रसिद्ध नाटक चंद्रगुप्त की एक पंक्ति लिखी। उन्होंने लिखा “प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।” उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर उनके अगले कदम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उन्होंने अभी यह साफ नहीं किया है कि सरकारी सेवा छोड़ने के बाद वह आगे क्या करने वाली हैं।
इस्तीफे से पहले वैष्णो देवी पहुंची थीं
दिव्या मित्तल ने इस्तीफा मंजूर होने से करीब दो दिन पहले माता वैष्णो देवी के दर्शन किए थे। उन्होंने वहां की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा था “आगे की राह कठिन है… सदबुद्धि देना मां।” इस पोस्ट को लेकर भी लोगों के बीच काफी चर्चा हुई। कई लोग इसे उनके भविष्य के फैसलों से जोड़कर देखने लगे। माना गया कि वह अपनी जिंदगी में किसी बड़े बदलाव की तैयारी कर रही थीं।
अभी करीब 17 साल की सरकारी सेवा बाकी थी
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने लगभग 13 साल सरकारी सेवा में काम किया। इस्तीफा देने के समय उनके पास करीब 17 साल की नौकरी अभी बाकी थी। इसके बावजूद उन्होंने सरकारी सेवा छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने अपने इस्तीफे के लिए निजी और पारिवारिक कारणों के साथ-साथ जिंदगी में एक नया उद्देश्य तलाशने की बात कही।

