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जुलाई में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45%, जून में थी 4.38 प्रतिशत

Retail inflation rose to 4.45% in July

Retail inflation rose to 4.45% in July

नई दिल्ली: भारत में खुदरा महंगाई दर जुलाई में सालाना आधार पर मामूली रूप से बढ़कर 4.45 प्रतिशत रही है, जो कि जून में 4.38 प्रतिशत थी। यह जानकारी सांख्यिकी एंव कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ओर से बुधवार को दी गई।

मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया कि जुलाई में ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 4.84 प्रतिशत रही है, जो कि शहरी इलाकों में 3.96 प्रतिशत थी। जुलाई में खाद्य महंगाई दर 5.52 प्रतिशत रही है। जुलाई में ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 5.79 प्रतिशत और शहरी इलाकों में महंगाई दर 5.05 प्रतिशत रही है।

जुलाई में आलू की कीमत सालाना आधार पर -16.56 प्रतशित घटी है। वहीं, यह जीप और मोटर कार में -6.72 प्रतिशत, भिंडी में -5.52 प्रतिशत, मटर में -5.27 प्रतिशत और टमाटर में -4.59 प्रतिशत रही है। दूसरी तरफ, जुलाई में चांदी की ज्वेलरी में महंगाई दर सालाना आधार पर 109.84 प्रतिशत, अदरक में 83.62 प्रतिशत, लहसन 35.36 प्रतिशत, सोना/हीरा/प्लैटीनम ज्वेलरी में महंगाई दर 32.98 प्रतिशत और प्याज में 22.54 प्रतिशत रही है।

इसके अलावा, फूड एंड बेवरेज में महंगाई दर जुलाई में 5.24 प्रतिशत; पान, तबांकू और इनॉक्सीडेंट्स में 4.79 प्रतिशत, कपड़ा एवं जूता में 3.38 प्रतिशत, स्वास्थ्य में 1.34 प्रतिशत, परिवहन में 4.43 प्रतिशत और शैक्षणिक सेवाओं में 3.64 प्रतिशत रही है। देश में जुलाई में जिन पांच राज्यों में सबसे अधिक खुदरा महंगाई थी, उनमें तेलंगाना 6.32 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश 5.72 प्रतिशत, तमिलनाडु 5.44 प्रतिशत, मध्य प्रदेश 4.91 प्रतिशत और कर्नाटक 4.89 प्रतिशत के साथ शामिल थे।

इस महीने की शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 27 के लिए खुदरा महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जारी किया है। साथ ही कहा कि वैश्विक अस्थिरता के कारण छोटी अवधि में महंगाई दर में बढ़ोतरी हो सकती है। आरबीआई एमपीसी के फैसलों का ऐलान करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि लगातार 16 महीनों तक केंद्रीय बैंक के लक्ष्य 4 प्रतिशत से नीचे रहने के बाद खुदरा महंगाई दर जून में बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई है।

उन्होंने बताया कि पहली तिमाही में महंगाई दर आरबीआई के पहले के अनुमान से 30 आधार अंक कम रही, जिससे पता चलता है कि इनपुट लागत के दबाव का असर सीमित रहा।

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