नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना को 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज राजधानी दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्के जारी किया। जो संघ के एक शताब्दी के गौरवशाली सफर का प्रतीक होगा।
बता दें कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:30 बजे हुई, जिसमें संघ के शीर्ष पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और देशभर से आमंत्रित स्वयंसेवक उपस्थित रहे। संघ के सर-कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी इस अवसर पर मंच पर मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “राष्ट्र साधना की इस यात्रा में ऐसा नहीं है कि संघ पर हमले नहीं हुए, संघ के खिलाफ साजिशें नहीं हुईं… हमने देखा है कि कैसे आजादी के बाद संघ को कुचलने का प्रयास हुआ। मुख्यधारा में आने से रोकने के अनगिनत षड्यंत्र हुए। परमपूज्य गुरुजी को झूठे केस में फंसाया गया, उन्हें जेल तक भेज दिया गया। लेकिन जब पूज्य गुरुजी जेल से बाहर आए तो उन्होंने सहज रूप से कहा और शायद इतिहास में सहज भाव एक बहुत बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने सहजता से कहा था कि कभी-कभी जीभ दांतों के नीचे आकर दब जाती है, कुचल भी जाती है, लेकिन हम दांत नहीं तोड़ देते हैं, क्योंकि दांत भी हमारे हैं और जीभ भी हमारी है।”
#WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “राष्ट्र साधना की इस यात्रा में ऐसा नहीं है कि संघ पर हमले नहीं हुए, संघ के खिलाफ साजिशें नहीं हुईं… हमने देखा है कि कैसे आजादी के बाद संघ को कुचलने का प्रयास हुआ। मुख्यधारा में आने से रोकने के अनगिनत षड्यंत्र हुए। परमपूज्य गुरुजी को… pic.twitter.com/2WFs3R0BRJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 1, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “1963 में RSS के स्वयंसेवक भी 26 जनवरी की परेड में शामिल हुए थे। उन्होंने बहुत आन-बान-शान से राष्ट्रभक्ति की धुन पर कदमताल किया था…संघ के स्वयंसेवक… जो अनवरत रूप से देश की सेवा में जुटे हैं, समाज को सशक्त कर रहे हैं… इसकी भी झलक इस डाक टिकट में है। मैं इन स्मृति सिक्कों और डाक टिकट के लिए देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।”
#WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “1963 में RSS के स्वयंसेवक भी 26 जनवरी की परेड में शामिल हुए थे। उन्होंने बहुत आन-बान-शान से राष्ट्रभक्ति की धुन पर कदमताल किया था…संघ के स्वयंसेवक… जो अनवरत रूप से देश की सेवा में जुटे हैं, समाज को सशक्त कर रहे हैं… इसकी भी झलक इस… pic.twitter.com/uUdjl4UY68
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने के लिए डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र पहुंचे।
#WATCH | Delhi | PM Narendra Modi arrives at Dr. Ambedkar International Centre to participate in the centenary celebrations of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) as the Chief Guest.
Source: DD pic.twitter.com/i9E4XFH1dF
— ANI (@ANI) October 1, 2025
पीएम मोदी का भावुक संदेश
समारोह से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा,
“विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। देशभर में इसके लाखों स्वयंसेवक पिछली एक सदी से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ मां भारती की सेवा में समर्पित रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें इस ऐतिहासिक क्षण में शामिल होने और विशेष डाक टिकट व स्मृति सिक्के के विमोचन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है, जो संघ की प्रेरणादायक यात्रा को श्रद्धांजलि देगा।
विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। देशभर में इसके लाखों स्वयंसेवक पिछली एक सदी से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ मां भारती की सेवा में समर्पित रहे हैं। कल 1 अक्टूबर को सुबह करीब 10.30 बजे नई दिल्ली में आरएसएस…
— Narendra Modi (@narendramodi) September 30, 2025
संघ की 100 साल की यात्रा
1925 में विजयादशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा नागपुर में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने शुरुआती वर्षों से ही भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा को केंद्र में रखते हुए समाज में गहरी पैठ बनाई है। आज, देशभर में लाखों स्वयंसेवक विविध क्षेत्रों में सक्रिय हैं शिक्षा, ग्रामीण विकास, आपदा राहत और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर कार्यरत हैं।
बीजेपी और संघ का संबंध
प्रधानमंत्री मोदी स्वयं भी अपने प्रारंभिक जीवन में एक सक्रिय प्रचारक के रूप में संघ से जुड़े रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक नींव भी संघ के विचारों से प्रेरित रही है। यही कारण है कि संघ की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रधानमंत्री की सहभागिता को एक प्रतीकात्मक और भावनात्मक क्षण के रूप में देखा जा रहा है।
क्या होगा डाक टिकट और सिक्के में खास?
भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला यह विशेष डाक टिकट और भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया गया स्मृति सिक्का, संघ के सौ साल के योगदान को दर्शाएगा। इसमें संघ का प्रतीक चिन्ह, स्थापना वर्ष और ‘राष्ट्र प्रथम’ का संदेश प्रमुखता से अंकित किया जाएगा।

