इंटरनेशनल डेस्क. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं। इसके लिए वह 5-6 दिसंबर को नई दिल्ली आ सकते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह रूसी राष्ट्रपति का पहला भारत दौरा होगा और यह उस समय हो रहा है, जब रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है। वहीं अमेरिका के शीर्ष अधिकारी रूस के साथ संबंधों के कारण लगातार भारत विरोधी बयान दे रहे हैं।
ये भी पढ़ें: सपना चौधरी पर टूटा दुखों का पहाड़, सिर से उठा मां का साया
पुतिन के भारत दौरे को पहले ही क्रेमलिन ने कंफर्म कर दिया था। क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने बताया था कि भारत और रूस पहले से ही पुतिन के दौरे को लेकर तैयारियां कर चुके हैं। बस तारीख का ऐलान होना बाकी है।
2021 में भारत आए थे पुतिन
पुतिन आखिरी बार 6 दिसंबर 2021 को भारत आए थे, जब नई दिल्ली में 21वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन था। वहीं पीएम मोदी ने पिछले साल दो बार रूस की यात्रा की थी। पहली जुलाई में 22वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में और दूसरी अक्टूबर में कजान में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए गए थे। इसी दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को भारत आने के लिए आमंत्रित किया था।
ये भी पढ़ें: कुल्लू दशहरा उत्सव में पहली बार आधुनिक तकनीक AI से होगी निगरानी
अमेरिका से मनमुटाव के बीच बेहद खास पुतिन की भारत यात्रा
भारत और अमेरिका के बीच इस समय मनमुटाव चल रहा है। इस दौरान पुतिन की भारत यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है। रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है। अमेरिका का आरोप है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदकर रूस को फंडिंग कर रहा है। हालांकि भारत सरकार ने अमेरिका के इन आरोपों का खंडन किया है। इसके साथ ही अमेरिकी अधिकारी लगातार भारत विरोधी बयान दे रहे हैं। कयास लगाए जा रहे है कि मोदी-पुतिन के बीच अमेरिका के मुद्दे पर भी बात हो सकती है।

