
नेशनल डेस्कः भारत के पहले इच्छामृत्यु मामले में हरीश राणा को अलविदा कहा जा रहा है। 13 साल से ‘जिंदा लाश’ की तरह जी रहे हरीश को गाजियाबाद से AIIMS लाया गया है, जहां उन्हें लाइफ सपोर्ट से हटाया जाएगा। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल 22 सेकंड का वीडियो हर किसी की आंखें नम कर रहा है।
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वीडियो में ब्रह्मकुमारी परिवार की दीदी लवली हरीश के माथे पर टीका लगाती नजर आ रही हैं। वे कहती हैं, “सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए अब जाओ… ठीक है।” टीके के स्पर्श से हरीश की आंखें इशारा करती हैं, होंठ कांपते हैं और गले से निगलने जैसी हलचल दिखती है। यह दृश्य देख लोग भावुक हो रहे हैं।
“सबको माफ करते हुए, सबसे माफी मांगते हुए अब जाओ, ठीक है”
गाजियाबाद में 13 साल से कोमा में पड़े हरीश राणा को अंतिम विदाई !! pic.twitter.com/ANaHThV1qp
— ममता ट्राबल (@Mamtasulaniya) March 15, 2026
सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी और पीड़ा भरा सफर
बता दें 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश की इच्छामृत्यु की इजाजत दी। उनका परिवार ब्रह्मकुमारी समाज से जुड़ा है। गाजियाबाद से AIIMS जाते वक्त माता-पिता और भाई की आंखें नम थीं। पिता अशोक ने कहा कि न चाहते हुए भी यह कदम उठाना पड़ा। हरीश होनहार इंजीनियरिंग छात्र थे। एक भयानक हादसे ने उन्हें स्थायी वेजिटेटिव स्टेट (PVS) में पहुंचा दिया, जहां वे न बोल पाते, न चल पाते और न ही दुनिया समझ पाते। 13 साल मशीनों पर जीने के बाद यह भारत का पहला इच्छामृत्यु केस बनेगा।
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