Saheli Pink Smart Card : दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार शहर की महिलाओं को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) 2025 के भाई दूज के मौके पर महिलाओं के लिए एक नया ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ लॉन्च करने जा रही है। यह कार्ड मौजूदा पिंक टिकट की जगह लेगा और महिलाओं को डीटीसी की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देगा, बिना किसी पिंक टिकट की आवश्यकता के।
फ्री यात्रा की सुविधा को और भी सुलभ बनाएगा स्मार्ट कार्ड
दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में पहले से ही महिलाओं को फ्री यात्रा की सुविधा दी जा रही है, लेकिन पिंक टिकट सिस्टम में कई बार यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता था। नए ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ के साथ, महिलाओं को अब बसों में चढ़ते वक्त पिंक टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह कार्ड यात्रा को और भी सरल और सुगम बनाएगा।
डीटीसी अधिकारियों के मुताबिक, तैयारियां लगभग पूरी
डीटीसी के अधिकारियों ने बताया कि पिंक स्मार्ट कार्ड को लॉन्च करने के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मंजूरी मिलने के बाद, दीपावली के बाद इसे भाई दूज के अवसर पर लॉन्च किया जा सकता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि दिल्ली की बसों में कार्ड रीडर मशीनें पहले ही इंस्टॉल की जा चुकी हैं, ताकि इस कार्ड को आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।
महिलाओं के साथ ट्रांसजेंडरों के लिए भी कार्ड जारी होगा
दिल्ली सरकार ने यह भी ऐलान किया है कि पिंक स्मार्ट कार्ड महिलाओं के साथ-साथ ट्रांसजेंडरों के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। कार्ड में महिला यात्री का नाम, फोटो और अन्य जरूरी डिटेल्स होंगे, ताकि इसकी पहचान और इस्तेमाल में कोई परेशानी न हो।
रजिस्ट्रेशन और केवाईसी प्रक्रिया
‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ को प्राप्त करने के लिए महिला यात्रियों को डीटीसी की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद, बैंक के माध्यम से केवाईसी (Know Your Customer) प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसके बाद कार्ड जारी किया जाएगा। कार्ड के एक्टिव होने के बाद, यात्रियों को बस में चढ़ते वक्त इसे कंडक्टर को टैप कराना होगा, जिससे यात्रा की डिटेल्स रिकॉर्ड की जा सकेंगी।
दिल्ली की महिलाओं को मिलेगी और अधिक सुविधा
इस स्मार्ट कार्ड के जरिए महिलाओं को केवल यात्रा में सुविधा ही नहीं, बल्कि उनके लिए एक नया डिजिटल और सुरक्षित अनुभव भी मिलेगा। दिल्ली सरकार का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है, जिससे महिलाओं की यात्रा और भी सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम हो सकेगी।

