Site icon Dainik Savera Times

आपातकाल की 50वीं बरसी के मौके पर आज भाजपा मनाएगी ‘संविधान हत्या दिवस’

Samvidhan Hatya Diwas

Samvidhan Hatya Diwas

Samvidhan Hatya Diwas : साल 1975 में लगे आपातकाल को आज 50 वर्ष पूरे हो गए है। आपातकाल की 50वीं बरसी के मौके पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में एक विशेष कार्यक्रम करने जा रही है। यह कार्यक्रम दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। संस्कृति मंत्रालय के द्वारा इस विशेष दिन को मनाने के लिए ‘संविधान हत्या दिवस 2025’ नामक आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्वतंत्रता के इतिहास के एक काले अध्याय पर चर्चा की जाएगी। इस कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल होंगे। बीजेपी का उद्देश्य इस कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को आपातकाल की काली घटनाओं की जानकारी देना है। साथ ही, यह भी बताया जाएगा कि इस दौरान आम लोगों के अधिकार कैसे छीन लिए गए थे। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और युवाओं को जागरूक करने का एक प्रयास होगा ताकि उन्हें इतिहास से सीखने का अवसर मिले।

आजादी के बाद भारत के इतिहास का सबसे काला दौर-
25 जून 1975 की मध्यरात्रि से पहले, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अचानक आपातकाल लगाने का फैसला किया। इस निर्णय को राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने उनकी सलाह पर आधिकारिक रूप से घोषणा की। बाद में, यह घोषणा केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई। इस आपातकाल के दौरान, कई राजनीतिक नेताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को बिना किसी कारण के जेल में डाला गया। इसके साथ ही, प्रेस की स्वतंत्रता पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए। लोगों को अपनी आवाज उठाने और विचार व्यक्त करने में भारी कठिनाई हुई। यह 21 माह का समय स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे दुखद और कठिन दौर माना जाता है। इस समय लोगों में डर का माहौल था और लोकतंत्र की मूल बातों को नजरअंदाज किया गया।

आपातकाल पर बोले सिंधिया-
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में आपातकाल के समय को याद करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को हर साल 25 जून को उस समय के लिए पछतावा करना चाहिए, जब उन्होंने संविधान की रक्षा के बजाए हठधर्मी निर्णय लिए। सिंधिया ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता संविधान की प्रति लेकर घूमते हैं, लेकिन उस समय उन्होंने लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आज की भाजपा अपने कार्यों के माध्यम से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरी कोशिश कर रही है।

Exit mobile version