
चंडीगढ। प्रदेश सरकार ने एक माह से चल रही सफाई कर्मचारियों की 18 में से 17 मांगों को मान लिया है। मांगों के मानने के साथ ही हड़ताल भी खत्म हो गई। सरकार की ओर से मंत्री कृष्णलाल पंवार कृष्ण बेदी बातचीत में शामिल हुए थे।
यह बैठक पानीपत के PWD रेस्ट हाउस में ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच लगभग 3 घंटे तक चली। 18 में से 17 मांगों के मानने के बाद मंत्री का कहना था कि एक मांग कर्मचारियों को पक्का करने की है। यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए इस पर बात नहीं हो सकती। इसके अलावा नई व्यवस्था के तहत गांवों में प्रत्येक 400 लोगों पर एक सफाईकर्मी नियुक्त होगा। ड्यूटी के दौरान किसी सफाईकर्मी की दुर्घटना में मौत होने पर उसके परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ एक सदस्य को नौकरी मिलेगी।
सफाईकर्मी स्थायी नौकरी और वेतन वृद्धि समेत अलग-अलग मांगों के लिए आंदोलन कर रहे थे। हड़ताल के कारण कई शहरों में कचरे के ढेर लग गए थे। सरकार के फैसले के बाद सफाईकर्मियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि सीएम नायब सिंह सैनी के निर्देश पर ये वार्ता हुई। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांग थी कि 31 दिसंबर 2005 के हाईकोर्ट के आदेशानुसार सभी कच्चे सफाई कर्मचारियों को तुरंत पक्का किया जाए। ये मामला हाईकोर्ट के फैसले से जुड़ा है।
यही वजह है कि सरकार इस कानूनी फैसले की गहनता से समीक्षा करेगी और जल्द ही इस पर लास्ट निर्णय लिया जाएगा। इस मांग को छोड़कर बाकी सभी 17 मांगों पर मान लिया है। सफाईकर्मियों की मांगों पर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति बन गई है। इसके साथ ही वर्दी, धुलाई और कार्य उपकरणों के लिए मिलने वाले भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी। सफाईकर्मियों के लिए विशेष राहतों की भी घोषणा की है। ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मौत होने पर परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
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