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संजौली मस्जिद विवाद: देवभूमि संघर्ष समिति ने जिला अदालत के फैसले को बताया ऐतिहासिक

शिमला Sanjali Mosque Dispute: संजौली मस्जिद विवाद मामले में शिमला जिला अदालत द्वारा नगर निगम आयुक्त की अदालत के फैसले को बरकरार रखने के बाद देवभूमि संघर्ष समिति ने इस निर्णय को ऐतिहासिक करार दिया है। समिति ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद अब मस्जिद के अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जानी चाहिए। समिति के संयोजक भारत भूषण ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि नगर निगम आयुक्त ने 3 मई, 2024 को दिए अपने आदेश में संजौली स्थित मस्जिद निर्माण को अवैध बताते हुए उसे गिराने के निर्देश दिए थे।

इसके विरुद्ध दायर अपील को जिला अदालत ने भी खारिज कर दिया है, इसलिए अब किसी तरह की रोक नहीं रह गई है। भारत भूषण ने आरोप लगाया कि विवाद के शुरूआती दौर में मस्जिद कमेटी ने स्वयं कुछ निर्माण को हटाने की सहमति जताई थी, लेकिन अब फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत जाने की बात कहना दोहरा रुख दर्शाता है। उन्होंने कहा कि समिति नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा और अवैध निर्माण को जल्द हटाने की मांग की। इस दौरान भारत भूषण ने प्रदेश सरकार और शिमला पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध प्रवासियों की पहचान पर कार्रवाई नहीं हो पा रही, जबकि अवैध निर्माण के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन करने वालों पर लाठीचार्ज, वाटर कैनन चलाए गए और कई लोगों को पुलिस थानों में बुलाकर परेशान किया गयाए जो दुर्भाग्यपूर्ण है। हिंदू पक्ष के वकील जगतपाल ने कहा कि जिला अदालत के निर्णय के बाद अब मस्जिद निर्माण पर कोई स्टे प्रभावी नहीं है और नगर निगम को बिना देरी कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मस्जिद कमेटी के पास अपील का कोई प्रावधान नहीं है, केवल रिट दायर करने का विकल्प उपलब्ध है, जिसके लिए समय सीमा निर्धारित नहीं है।

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