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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: मालिक भिवाड़ी से गिरफ्तार, हिरासत में लेकर पुलिस ने शुरू की पूछताछ

Owner Hariram arrested

Owner Hariram arrested

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इसके मालिक हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। बिल्डिंग गिरने के बाद से ही वह फरार था। उसकी तलाश के लिए दिल्ली पुलिस की 10 टीमों ने कई राज्यों में अभियान चलाया था। पुलिस ने पहले उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया था।

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

हादसे में 7 लोगों की मौत

सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। अब तक 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। बचाव कार्य में टीमों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है, क्योंकि हादसे के आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

आसपास की बिल्डिंग को गिराने की तैयारी

MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने बताया कि गिरी हुई बिल्डिंग के पास मौजूद एक अन्य इमारत कमजोर हो गई है। इसे देखते हुए सुरक्षा के लिए अगले 1-2 दिनों में इस इमारत को सावधानीपूर्वक गिराने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन इलाके में कमजोर और अवैध निर्माण वाली इमारतों की लगातार पहचान कर कार्रवाई करता रहा है।

कमिश्नर के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में करीब 960 इमारतें गिराई गई हैं, जबकि 407 इमारतों को सील किया गया है। इसके अलावा करीब 1,500 इमारतों को सील करने या गिराने के नोटिस जारी किए गए हैं।

MCD के कई अधिकारी सस्पेंड

हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी कार्रवाई की है। सोमवार को MCD ने कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इनमें दक्षिण क्षेत्र के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।

मनोज झा ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी

हादसे के बाद राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर हॉस्टल बनाने के लिए विशेष वित्तीय व्यवस्था करने की मांग की। उनका कहना है कि यह योजना समयबद्ध तरीके से लागू होनी चाहिए और इसकी प्रगति की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

उन्होंने नॉर्थ कैंपस, साउथ कैंपस और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में स्थित विश्वविद्यालय के कॉलेजों को ध्यान में रखते हुए छात्र आवास की व्यवस्था विकसित करने की मांग की है।

सभी इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट जरूरी

हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने भी एक नई नीति की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, अब PG समेत सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होने वाली सभी इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट जरूरी होगा। इसका मकसद यह पता लगाना है कि इमारत रहने और इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित है या नहीं।

प्रशासन का कहना है कि इससे कमजोर इमारतों की समय रहते पहचान की जा सकेगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। सत्य निकेतन हादसे के बाद पुलिस, MCD और दिल्ली सरकार की ओर से कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस बिल्डिंग मालिक से पूछताछ कर रही है, जबकि प्रशासन हादसे के कारणों और इलाके की अन्य कमजोर इमारतों की स्थिति की भी जांच कर रहा है।

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