नई दिल्लीः दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। जहां, दोपहर करीब 2 बजे एक अज्ञात कार वीआईपी गेट (गेट नंबर 2) की तरफ से तेजी से आई और बैरियर तोड़कर अंदर घुस गई। गाड़ी ने अंदर घुसते समय लोहे का गेट भी तोड़ दिया। इसके बाद वह सीधे विधानसभा स्पीकर की गाड़ी के पास पहुंची। वहां चालक ने एक फूलों का गुलदस्ता और कुछ कागज रखे।
गाड़ी कैसे भाग निकली
घटना के बाद सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि गाड़ी उसी रास्ते से वापस निकल भी गई। सुरक्षाकर्मी उसे रोक नहीं पाए और गाड़ी मौके से फरार हो गई। बताया जा रहा है कि यह कार उत्तर प्रदेश नंबर की थी।
#WATCH | Visuals from Delhi Assembly premises after a car with a Uttar Pradesh registration number forcibly entered Gate No. 2, breaking the iron gate. The driver placed a bouquet there and left. The search for the vehicle is ongoing. pic.twitter.com/njN3yl0JVc
— ANI (@ANI) April 6, 2026
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। कैसे कोई गाड़ी इतनी आसानी से बैरियर तोड़कर अंदर आ गई? सुरक्षा कर्मी समय पर कार्रवाई क्यों नहीं कर पाए? वीआईपी क्षेत्र तक गाड़ी पहुंचना कैसे संभव हुआ?
संसद में पहले भी हो चुकी है सुरक्षा में चूक
इससे पहले भी देश में सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आ चुका है। 13 दिसंबर 2023 को संसद में एक चौंकाने वाली घटना हुई थी। यह वही दिन था जब देश 2001 के संसद हमले की बरसी मना रहा था।
क्या हुआ था उस दिन?
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो युवक सागर शर्मा और मनोरंजन डी अचानक नीचे कूद गए। वे सांसदों की सीटों के बीच भागने लगे और अपने जूतों में छिपाए हुए रंगीन स्मोक कैनिस्टर निकाल लिए।
सदन में मच गई अफरा-तफरी
जैसे ही उन्होंने स्मोक कैनिस्टर चलाए, पूरे सदन में पीला धुआं फैल गया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, मौजूद सांसदों ने बहादुरी दिखाते हुए दोनों युवकों को पकड़ लिया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
संसद के बाहर भी हुआ प्रदर्शन
उसी समय संसद के बाहर भी दो अन्य लोग नीलम और अमोल शिंदे ने रंगीन धुआं छोड़ा और नारेबाजी की।
साजिश के पीछे कौन था?
इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड ललित झा को बताया गया। उसने इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किए थे।
क्यों की गई थी यह घटना?
जांच में सामने आया कि आरोपी लोग अपनी समस्याओं और मुद्दों को उठाना चाहते थे, जैसे बेरोजगारी महंगाई, किसानों की समस्याएं।

