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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपक बाबरिया का निधन, राहुल गांधी ने जताया शोक

नेशनल डेस्क। हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रभारी और पार्टी के वरिष्ठ नेता दीपक बाबरिया का शनिवार को निधन हो गया। कांग्रेस सांसद और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर शोक जताया।

राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व महासचिव दीपक बाबरिया के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका जाना कांग्रेस परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। संगठन के प्रति उनका समर्पण और पार्टी को मजबूत करने में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। इस कठिन समय में उनके परिजनों, साथियों और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। दीपक बाबरिया को श्रद्धांजलि और नमन।”

वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व महासचिव दीपक बाबरिया के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। शोक-संतप्त परिजनों एवं समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। दीपक जी कांग्रेस पार्टी एवं विचारधारा के प्रति समर्पित सिपाही थे। उनका जाना कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। भावभीनी श्रद्धांजलि।”

एआईसीसी पंजाब के महासचिव और टोंक से विधायक सचिन पायलट ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव एवं वरिष्ठ नेता दीपक बाबरिया के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।उनका निधन कांग्रेस परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। संगठन के प्रति उनकी समर्पित कार्यशैली और सच्ची निष्ठा सदैव स्मरणीय रहेगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहने की शक्ति प्रदान करें।”

बता दें कि दीपक बाबरिया ने अक्टूबर 2024 में हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। उन्होंने इसकी वजह खराब स्वास्थ्य और चुनावी नतीजों की नैतिक जिम्मेदारी बताई थी। हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत नहीं मिल सकी थी। इसके बाद बाबरिया ने पार्टी नेतृत्व से कहा था कि उनकी जगह किसी दूसरे नेता को जिम्मेदारी दी जा सकती है और यह फैसला केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया था।

दीपक बाबरिया का नाम कांग्रेस संगठन में काम करने वाले नेताओं में लिया जाता रहा है। अलग-अलग राज्यों में जिम्मेदारी मिलने के कारण उन्हें पार्टी के संगठनात्मक कामकाज का गहरा अनुभव था। हरियाणा और मध्य प्रदेश में उनकी भूमिका के चलते वह राज्य की राजनीति में भी चर्चा में रहे।

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