
नेशनल डेस्क: कांग्रेस के दिग्गज नेता और कर्नाटक के सबसे वरिष्ठ विधायकों में शामिल शमनुरु शिवशंकरप्पा का रविवार को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे और लंबे समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके निधन से कर्नाटक की राजनीति और कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
परिवार की जानकारी के अनुसार, शिवशंकरप्पा के परिवार में तीन बेटे और चार बेटियां हैं। उनके बेटे एस.एस. मल्लिकार्जुन वर्तमान में कर्नाटक सरकार में खान एवं भूविज्ञान तथा बागवानी मंत्री हैं। वहीं उनकी बहू प्रभा मल्लिकार्जुन दावणगेरे लोकसभा सीट से सांसद हैं।
स्पर्श अस्पताल के डॉक्टर और परिवार के सदस्य डॉ. शरण पाटिल ने बताया कि शमनुरु शिवशंकरप्पा को 23 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि उम्र से जुड़ी समस्याओं के कारण उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों के अनुसार, वह अंत तक शांत और सहज थे, लेकिन रविवार शाम करीब 6 बजकर 20 मिनट पर उनका निधन हो गया।
शमनुरु शिवशंकरप्पा दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। वह लंबे समय तक कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के कोषाध्यक्ष रहे। इसके अलावा वह अखिल भारतीय वीरशैव महासभा के अध्यक्ष भी थे, जो राज्य के प्रभावशाली वीरशैव-लिंगायत समुदाय का प्रमुख संगठन है। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने छह बार विधायक के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व किया। वह मंत्री और सांसद भी रह चुके थे।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि शिवशंकरप्पा ने अपना पूरा सार्वजनिक जीवन लोगों की सेवा और कल्याण के लिए समर्पित किया। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके निधन को कांग्रेस पार्टी और देश के लिए बड़ी और अपूरणीय क्षति बताया।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बी.एस. येदियुरप्पा ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक बड़े भाई जैसा मार्गदर्शक खो दिया है। येदियुरप्पा ने यह भी कहा कि शमनुरु शिवशंकरप्पा न केवल राजनीति में, बल्कि शिक्षा और उद्योग जगत में भी एक सम्मानित और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व थे।
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