कहा- ‘भारतीय फिल्म उद्योग के लिए बड़ी क्षति’
नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन पर नितिन गडकरी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने शोक जताया है। गडकरी ने कहा कि संवाद अदायगी के अपने खास अंदाज से नाना पाटेकर ने कई किरदारों को अमर बना दिया और अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनका निधन भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा, “दिग्गज भारतीय अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर बेहद चौंकाने वाली और दुखद है। मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। नाना और मेरे बीच बहुत करीबी और दोस्ताना संबंध थे। अपनी दमदार अदाकारी के दम पर, नाना पाटेकर ने पांच दशकों से अधिक समय तक मराठी और हिंदी सिनेमा के जरिए दर्शकों के दिलों पर राज किया।”
भारतीय चित्रपट सृष्टीतील दिग्गज अभिनेते नाना पाटेकर यांच्या निधनाचे वृत्त अतिशय धक्कादायक आणि दुःखद आहे. त्यांना माझी भावपूर्ण श्रद्धांजली. नानांचे आणि माझे अतिशय जवळचे आणि मैत्रीपूर्ण संबंध होते. आपल्या दमदार अभिनयाने पाच दशकांहून अधिक काळ नाना पाटेकर यांनी मराठी व हिंदी चित्रपटांच्या माध्यमातून रसिक प्रेक्षकांच्या मनावर अधिराज्य गाजवले. आपल्या वैशिष्ट्यपूर्ण संवाद शैलीने त्यांनी चित्रपटातील अनेक पात्रे अजरामर केली व आपली वेगळी ओळख निर्माण केली. त्यांचे जाणे ही भारतीय चित्रपटसृष्टीची मोठी हानी आहे. ‘नाम फाऊंडेशन’च्या माध्यमातून पाणी संरक्षण, संचयन क्षेत्रांत महाराष्ट्राच्या ग्रामीण भागात त्यांनी केलेले कार्य उल्लेखनीय आणि महत्त्वपूर्ण आहे. आत्महत्या केलेल्या शेतकऱ्यांच्या कुटुंबीयांसाठी त्यांनी दिलेला मदतीचा हात अनेक कुटुंबांचा आधार बनला. नाना एक उत्तम कलाकार-अभिनेते असण्याबरोबरच समाजाप्रती संवेदनशील असलेले एक व्यक्तिमत्त्व होते. ईश्वर दिवंगत आत्म्यास शांती प्रदान करो. ॐ शांती.
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) October 8, 2026
गडकरी ने कहा कि संवाद अदायगी के अपने खास अंदाज से उन्होंने कई किरदारों को अमर बना दिया और अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनका निधन भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति है। नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से ग्रामीण महाराष्ट्र में जल संरक्षण और भंडारण के क्षेत्रों में उनका काम उल्लेखनीय और महत्वपूर्ण था। आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की उन्होंने जो मदद की, वह कई लोगों के लिए सहारा बनी। एक असाधारण कलाकार और अभिनेता होने के साथ-साथ, नाना समाज की जरूरतों के प्रति बेहद संवेदनशील व्यक्ति थे।
गडकरी ने प्रार्थना की कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने लिखा, “दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता नाना पाटेकर के 75 वर्ष की आयु में निधन से गहरा दुख हुआ है। उनके दमदार अभिनय, विशिष्ट आवाज और सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनका निधन भारतीय सिनेमा और कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। उनकी आत्मा को शांति मिले।”
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पोस्ट किया, “प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के जाने की खबर सुनकर मन भारी हो गया। उनकी आवाज, बोलने का अंदाज और चेहरे के भाव सीधे दिल तक पहुंचते थे। कभी ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों में गंभीरता से झकझोरते थे, तो ‘वेलकम’ के उदय शेट्टी बनकर खूब हंसाते-गुदगुदाते थे। एक ही कलाकार में इतनी गहराई और हास्य-विनोद था। उनकी फिल्में और किरदार लंबे समय तक हमारी यादों में रहेंगे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि।” केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। पाटिल ने कहा कि हिंदी और मराठी सहित क्षेत्रीय सिनेमा में अपने सशक्त अभिनय और असाधारण प्रतिभा से उन्होंने भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया। उनके निभाए किरदार और उनका प्रभाव सदैव हमारी स्मृतियों में जीवंत रहेंगे। लेकिन नाना पाटेकर जी का योगदान केवल सिनेमा तक सीमित नहीं था। जल-संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन और ग्रामीण क्षेत्रों में जल-सुरक्षा के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों ने देशभर में अनेक लोगों को जल संरक्षण के लिए आगे आने की प्रेरणा दी।
प्रसिद्ध अभिनेता श्री नाना पाटेकर जी के जाने की खबर सुनकर मन भारी हो गया। उनकी आवाज, बोलने का अंदाज और चेहरे के भाव सीधे दिल तक पहुंचते थे। कभी क्रांतिवीर और परिंदा जैसी फिल्मों में गंभीरता से झकझोरते थे, तो वेलकम के उदय शेट्टी बनकर खूब हंसाते-गुदगुदाते थे। एक ही कलाकार में इतनी गहराई और हास्य-विनोद था। उनकी फिल्में और किरदार लंबे समय तक हमारी यादों में रहेंगे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि!
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) October 8, 2026
सीआर पाटिल ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने कार्यों से यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन केवल शब्दों से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास और जनभागीदारी से आता है। नाना पाटेकर का जाना कला जगत के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में भी एक बड़ी क्षति है। उनकी कला, उनका संवेदनशील व्यक्तित्व और समाज के लिए उनका समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार, मित्रों तथा असंख्य प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति दें। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने लिखा, “प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के दिग्गज कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर का निधन भारतीय कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। अपने सशक्त और जीवंत अभिनय से उन्होंने भारतीय सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी।
सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और सेवाभाव भी सदैव प्रेरणादायी रहेगा। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों व उनके असंख्य प्रशंसकों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।” केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि भारतीय सिनेमा के लिए यह एक बहुत बड़ा और दुखद नुकसान है। नाना पाटेकर असाधारण गहराई, ईमानदारी और विविधता वाले अभिनेता थे। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा

