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शेख हसीना के बेटे ने मोदी सरकार का जताया आभार, कहा- मां बांग्लादेश में रहती तो…

इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देश की राजनीति और माहौल में भारी हलचल है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच हसीना फिलहाल भारत में सुरक्षित हैं। भारत सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री को सुरक्षा मुहैया कराए जाने पर उनके बेटे सजीब वाजेद ने बड़ा बयान दिया है।

अमेरिका के वर्जीनिया में रह रहे सजीब वाजेद ने एक इंटरव्यू में कहा कि उनकी मां की जान संकट में थी और ऐसे समय में भारत ने बड़ा कदम उठाया। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के प्रति आभार जताया।

सजीब ने कहा- भारत हमेशा से हमारा अच्छा दोस्त रहा है, जब मेरी मां की हत्या की साजिश रची जा रही थी, तब भारत ने उन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला। अगर वे बांग्लादेश में रहतीं, तो उग्रवादी उनकी हत्या कर देते। इसलिए मैं प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार का हमेशा आभारी रहूंगा।

 

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बांग्लादेश की न्यायिक प्रक्रिया पर उठाए सवाल

सजीब वाजेद ने अपनी मां के खिलाफ चले मुकदमे और अदालत की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अवैध और अनिर्वाचित सरकार सत्ता में है। हसीना के खिलाफ केस की सुनवाई को जल्दी खत्म करने के लिए कानूनों में अवैध तरीके से बदलाव किया गया। उन्हें अपना वकील रखने की अनुमति नहीं मिली। ट्रायल से पहले अदालत के 17 जजों को हटा कर नए जज लगाए गए, जिनका अनुभव भी कम था। कई जज राजनीतिक रूप से जुड़े हुए थे।

सजीब का कहना है कि इतनी खामियों के बाद इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं कहा जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे माहौल में प्रत्यर्पण (extradition) संभव नहीं है, क्योंकि प्रत्यर्पण के लिए निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया जरूरी होती है।

 

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अमेरिका से दबाव पड़ा या नहीं?

जब सजीब से पूछा गया कि क्या अमेरिका ने उन पर कोई दबाव बनाया है, तो उन्होंने साफ कहा कि हम पर कोई धमकी या दबाव नहीं है। 2024 के बांग्लादेश चुनावों पर सिर्फ अमेरिका ने नकारात्मक टिप्पणी की थी। अब अमेरिका में नई सरकार आने के बाद माहौल बदला है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया था कि पूर्व प्रशासन ने बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के लिए पैसे खर्च किए थे। वर्तमान अमेरिकी प्रशासन इस्लामवाद और आतंकवाद के खतरे को लेकर ज्यादा गंभीर है।

बांग्लादेश में फिलहाल अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार कार्यरत है। इस पर भी सजीब ने कहा कि अगर यूनुस लोकप्रिय होते, तो वे डेढ़ साल से बिना चुनाव कराए सत्ता में न बैठे रहते। देश की छात्र राजनीति से बनी एनसीपी (नेशनल सिटिजन पार्टी) को हर चुनाव में केवल 2% वोट मिलते रहे हैं। यूनुस और छात्रों की पार्टी की लोकप्रियता लगभग शून्य है। इसलिए यूनुस सरकार चुनाव कराने से बच रही है, क्योंकि उन्हें जनता का समर्थन नहीं मिलेगा।

उन्होंने बताया कि उनकी सरकार के दौरान बांग्लादेश ने भारत, चीन और अमेरिका के साथ संतुलित और अच्छे संबंध बनाए रखे। यूनुस सरकार अब चीन के और करीब जाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कई बार चीन की राजकीय यात्राएं की हैं। बीएनपी (विपक्ष) भी चीन से संपर्क साध रही है। बेल्ट एंड रोड (BRI) पहल को उनकी सरकार मात्र एक आर्थिक कदम मानती थी, जिसका मकसद व्यापार और परिवहन सुगम बनाना था।

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