
नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को दिल्ली स्थित रामजस कॉलेज में आयोजित “वन नेशन वन इलेक्शन” कार्यक्रम में सहभागिता कर छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। इस दौरान शिवराज सिंह ने उपस्थितजनों को एक राष्ट्र- एक चुनाव और स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाया। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को बधाई देते हुए कहा कि ग्रोथ रेट में आज दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हमने उन्हें पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने कभी हम पर राज किया था। जल्द ही हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे। उन्होंने कहा कि रामजस कॉलेज के इस सभागृह से आज मैं ये घोषित कर रहा हूँ कि एक वो दिन आएगा, जब भारत नंबर वन होगा।
घुसपैठिया गठबंधन बना हुआ है:-
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार चुनाव को लेकर विपक्ष पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में एक घुसपैठिया गठबंधन बना हुआ है, जो वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर विदेशी घुसपैठियों को शामिल रखने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान विधान सभा और लोक सभा के चुनाव के बाद अब बिहार का बिगुल बज चुका है। आजकल बिहार में रैलियाँ निकल रही हैं। वो यात्रा वोट चोरी की यात्रा नहीं, बल्कि घुसपैठिया बचाओ यात्रा है। ये घुसपैठिया गठबंधन वाले चाहते हैं कि दूसरे देश से आने वाले लोग भी वोटर लिस्ट में बने रहें।
दुनिया के किस देश में ऐसा होता है..? कौन सा देश इसे बर्दाश्त करेगा..? हमारा देश कोई धर्मशाला है क्या कि जिसकी मर्जी हो, वो घुस आए और वोटर लिस्ट में नाम चढ़वा ले, आधार कार्ड बनवा ले..? हमारे देश के नागरिक चाहे किसी भी जाति या धर्म के हों, सब हमारे हैं, लेकिन विदेशी घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बिहार के बाद पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए श्री चौहान ने कहा कि ममता बनर्जी पहले से ही परेशान हैं। बिहार के चुनाव खत्म नहीं होंगे कि बंगाल का बिगुल बज जाएगा। फिर तमिलनाडु, उसके बाद असम, यही सिलसिला चलता रहेगा।

दुनिया में भारत का मान बढ़ा है:-
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को कभी ‘डेड’ कहा गया था, लेकिन हालिया आंकड़ों ने इसका दमदार जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा, हमारे बारे में कहा गया था कि India dead economy है, लेकिन अब यह साबित हो चुका है कि हमारी economy डेड नहीं है, लॉन्ग लाइव है। श्री चौहान ने कहा कि इस तिमाही में भारत ने 7.8% की विकास दर दर्ज की है, जबकि दुनिया की बड़ी ताकतें इससे पीछे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रोथ के अनुमान जहां 6% के आसपास लगाए गए थे, वहीं वास्तविक आंकड़े सबको चौंकाने वाले हैं। कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, मामा कृषि मंत्री है तो हमारी एग्रीकल्चर ग्रोथ भी कम नहीं है।
जहां 1-1.5% ग्रोथ को अच्छा माना जाता है, वहीं भारत ने 3.7% की दर हासिल की है। शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जी चीन में हैं, उसके पहले जापान में थे। भारत का सम्मान कितना बढ़ा है, अब दुनिया में कोई भी ये ना सोचे कि भारत को आंख दिखा दी तो वो झुक जाएगा। आज का भारत आंखों में आंख डालकर बात करता है। कोई भी समझौता कैसे कर दें, राष्ट्रहित सर्वोपरि है। मैं आज एक नागरिक के नाते प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को बधाई देना चाहता हूं, अभिनंदन करना चाहता हूं। जब हमसे ऐसा समझौता करना चाहा, जो हमारे राष्ट्र हितों और किसानों के खिलाफ था तो हमने कह दिया कि ऐसा समझौता बिल्कुल नहीं होगा।
हमेशा होने वाले चुनाव देश के विकास में बाधा:-
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास में बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि हर 6 महीने में एक चुनाव होता है, लगातार चुनाव की तैयारियां चलती रहती है। उन्होंने कहा किएक स्टूडेंट और स्टूडेंट लीडर के नजरिए से सोचो, यह कितनी बड़ी हानि है, इसलिए विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं। पोलिंग बूथ पर मशीन रखो, एक बटन MLA के उम्मीदवार के लिए दबाओ, दूसरा MP के उम्मीदवार के लिए। एक ही सभा करो, एक ही बैनर में दोनों नेताओं की तस्वीरें हों, एक ही खर्चे में सब काम पूरा हो सकता है। लगातार चुनावों से कार्यकर्ताओं की भी थकान बढ़ती है। कार्यकर्ता पर्चे बांटते-बांटते परेशान हो जाते हैं, थकान मिटती नहीं कि फिर चुनाव आ जाते हैं। अगर चुनाव एक साथ हों तो पांच साल में एक बार मेहनत करनी होगी।
अगर “वन नेशन-वन इलेक्शन” लागू हो जाए तो चुनावी खर्च में भारी बचत होगी। आज चुनाव पर लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपए खर्च हो जाते हैं। अगर सब चुनाव एक साथ हो जाएं, तो यही खर्चा बचाया जा सकता है और उस धन का उपयोग विकास कार्यों में होगा। स्टूडेंट लीडर से मैं प्रार्थना करता हूँ देश की सोचो, इस संदेश को गाँव-गाँव पहुँचाओ, अलख जगाओ, जागरण का मंत्र फूँको, जो नहीं समझा उसे भी समझाओ। स्टूडेंट लीडर निकलें, विद्यार्थी निकलें, सभाएँ हों, रेलियाँ हों, ह्यूमन चेन बने, सम्मेलन हो और ऐसा माहौल बन जाए कि हर एक राजनीतिक दल सोचे कि अब इसका विरोध किया तो जनता अकल ठिकाने लगा देगी।
स्वदेशी अपनाने का संकल्प:-
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एक बात और जो मैं अंतरात्मा से कहना चाहता हूँ, हमको चुनौती मिली है तो उस चुनौती का मुकाबला करना है। एक अपील प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने की है कि हम स्वदेशी अपनाएं, हम अपने दैनिक जीवन में जितनी चीज़ें आती हैं, वो देश में बनी ही खरीदें। ये इम्पोर्टेड का मोह छोड़ना पड़ेगा। अगर 140 करोड़ का भारत ये तय कर ले कि हम अपने देश में बनी चीजें ही खरीदेंगे। हम अपने देश में ही बना हुआ सामान खरीद लें तो दुनिया में बाज़ार ढूँढने की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी, बाकी लोग धरे रह जाएंगे। इसलिए अपने देश का बना सामान खरीदो, संकल्प लो कि मैं अपने दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली सभी चीज़ें अपने देश में बनी ही खरीदूँगा। स्वदेशी ही अपनाएंगे।