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किसानों को बड़ी सौगात! शिवराज सिंह चौहान ने जारी की PM किसान निधि की 21वीं किस्त

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) के अंतर्गत पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 27 लाख से अधिक किसानों के खातों में आज 540 करोड़ रुपये से अधिक की राशि 21वीं किस्त के रूप में जारी की। कृषि भवन, नई दिल्ली में आयोजित वर्चुअल सादे समारोह में शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालय संकट की इस घड़ी में आपदा प्रभावित राज्यों के साथ मजबूती से खड़ा है।

जिन नागरिकों के मकान टूट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में आवास उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, मनरेगा में 150 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। शिवराज सिंह ने आपदा प्रभावित राज्यों के भाई-बहनों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार आपके साथ है, इस संकट से पार लेकर जाएंगे। किसान भाई-बहन भी अपने आप को अकेला न समझें। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम सभी आपके साथ खड़े हैं।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड हो या बाकी राज्य, इस संकट की घड़ी में कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय उनके साथ खड़े हैं। किसान के लिए चाहे बीज का सवाल हो, पंजाब को रेपसीड और सरसों के बीज का आवंटन 32 करोड़ रु. का किया गया है। क्लस्टर रिमोंटेशन के तहत अतिरिक्त आवंटन भी हम करेंगे। गेहूं के बीज के लिए भी लगभग 74 करोड़ रु. अलग से दिए जाएंगे।

जिन भाई-बहनों के मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं, पीएम आवास योजना में उन्हें मकान बनाने के लिए पैसा दिया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना में 1 लाख 20 हजार रुपए के अलावा टॉयलेट की राशि अलग और 90-95 दिन की मनरेगा की राशि भी दी जाएगी। वहां के मजदूर भाई-बहनों को अगर रोजगार की जरूरत होगी तो मनरेगा में 100 दिन सालभर में रोजगार दिया जाता है, जिसे इन बाढ़ पीड़ित राज्यों में बढ़ाकर 150 दिन कर दिया गया है। ऐसे कई कदम उठाए जा रहे हैं।

Shivraj Singh Chouhan
Shivraj Singh Chouhan

शिवराज सिंह ने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत करता है, खून-पसीना एक करता है, कई बार उसका पूरा परिवार भी मेहनत करता है, बीज डालता है, खाद डालता है, अन्य इनपुट डालता है, तब जाकर उसकी फसल पककर तैयार होती है। केवल पानी से नहीं, अपने पसीने से फसलों को सींचता है किसान, तब अन्न के दाने घर पर आते हैं लेकिन कई बार प्राकृतिक आपदा, अनायास आया प्राकृतिक संकट उसकी आशाओं पर पानी फेर देता है। अभी अतिवृष्टि के कारण कई राज्यों में तबाही मच गई, जलप्रलय जैसी स्थिति पैदा हो गईं, पहाड़ों के दरकने से व्यापक नुकसान हुआ, फसलें तबाह हो गई।

कई जगह मैं भी गया, जब मैं बाढ़ग्रस्त इलाके में गया तो धान में बालियां निकलती हुई देखी, लेकिन वो पानी में लगातार डूबी रहने के कारण बर्बाद हो गई, जब किसान की फसल बर्बाद होती है तो केवल फसल बर्बाद नहीं होती, किसानों का भविष्य बर्बाद होता है, उनके बच्चों की जिंदगी बर्बाद होती है, इस कष्ट को केंद्र सरकार समझती है और इसलिए प्रधानमंत्री जी ने भी दौरा किया, हम भी राज्यों में गए। प्रधानमंत्री जी ने पैकेज की घोषणा की है और उसी का एक हिस्सा है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि समय पूर्व किसानों के खाते में डालना, ताकि उसका उपयोग प्राकृतिक आपदा से पीड़ित किसान खेती या अन्य कामों के लिए कर सकें।

पंजाब के लगभग 11 लाख 10 हजार किसानों को करीब 222 करोड़ रु., हिमाचल प्रदेश के 8 लाख से ज्यादा किसानों को 160 करोड़ रु. से अधिक तथा उत्तराखंड के लगभग 7.90 लाख किसानों को करीब 158 करोड़ रु. की राशि पीएम-किसान की किस्त के रूप में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह द्वारा उनके खातों में हस्तांतरित की गई हैं।

इस राशि को मिलाकर पीएम-किसान योजना के अंतर्गत इन तीनों राज्यों के किसानों को अभी तक कुल 13,626 करोड़ रु. दिए जा चुके हैं। इस अवसर पर कृषि भवन में केंद्रीय कृषि सचिव डा. देवेश चतुर्वेदी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, वहीं तीनों राज्यों के कृषि मंत्री और उच्चाधिकारी वर्चुअल जुड़े थे।

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