Last Updated: September 23, 2026

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गाजियाबाद सुसाइड केस में दिल दहलाने वाला खुलासा, ‘कोरियन से ज्यादा तो हम तुम घरवालों से भी प्यार नहीं करते’

February 5, 2026

गाजियाबाद सुसाइड केस में दिल दहलाने वाला खुलासा, ‘कोरियन से ज्यादा तो हम तुम घरवालों से भी प्यार नहीं करते’

Ghaziabad Sisters Suicide Case News:  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में मंगलवार (3 फरवरी) की देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। जहां, भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाली तीन सगी नाबालिग बहनों ने ऊंची मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। बहनों की उम्र लगभग 12, 14 और 16 साल बताई जा रही है। इस घटना से पूरे इलाके में सदमा फैल गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिवार भी गहरे सदमे में है।

 

मरने से पहले छोड़ गईं सुसाइड नोट
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बच्चियों ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था। इसी नोट के आधार पर अब उनके इस कदम के पीछे की कुछ संभावित वजहें सामने आ रही हैं। नोट में लड़कियों ने कोरियन (दक्षिण कोरियाई) गाने, ड्रामा और कलाकारों के प्रति अपनी गहरी पसंद का जिक्र किया था। उन्होंने लिखा कि उन्हें कोरियन म्यूजिक और एक्टर्स बहुत पसंद थे और वे उनसे भावनात्मक रूप से काफी जुड़ी हुई थीं।

 

भारतीय से शादी न करनी पड़े इसलिए उठाया ये कदम
सुसाइड नोट से यह भी संकेत मिलता है कि घर में इस बात को लेकर मतभेद हो सकते थे। लड़कियों ने लिखा कि परिवार वाले शायद उन्हें कोरियन ड्रामा और म्यूजिक छोड़कर पढ़ाई या दूसरी चीजों पर ध्यान देने के लिए कहते थे, जो उन्हें अच्छा नहीं लगता था। नोट में उन्होंने यह जताने की कोशिश की कि कोरियन म्यूजिक और K-Pop उनके लिए बहुत मायने रखता था और वे इसे छोड़ना नहीं चाहती थीं।

परिवार से दूरी का जिक्र
नोट में बच्चियों ने भावनात्मक शब्दों में लिखा कि वे कोरियन कलाकारों को बहुत चाहती थीं। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें लगता था कि परिवार उनकी भावनाओं को समझ नहीं पा रहा था। हालांकि, यह सिर्फ सुसाइड नोट में लिखी बातें हैं-पुलिस यह भी जांच कर रही है कि असल हालात क्या थे और क्या और भी कारण इस कदम के पीछे हो सकते हैं।

 

मारपीट का भी आरोप
नोट में घर पर डांट-फटकार या मारपीट का भी जिक्र किया गया है। बच्चियों ने लिखा कि वे मार खाने से परेशान थीं और खुद को समझा हुआ महसूस नहीं करती थीं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या वाकई घर में किसी तरह का दबाव या सख्ती थी, या बच्चियों की भावनात्मक स्थिति पहले से ही नाजुक थी।

 

पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। साथ ही परिवार, पड़ोसियों और जान-पहचान वालों से पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ सुसाइड नोट के आधार पर निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक — सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

 

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