Shown the dream of Korea and sent to Vietnam : यमुनानगर। दक्षिण कोरिया में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर एक युवक से 8.95 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि इमिग्रेशन कंपनी के निदेशक और एजेंट ने विदेश भेजने के नाम पर रकम वसूली, लेकिन दक्षिण कोरिया के बजाय वियतनाम भेज दिया, जहां कोई संपर्क व्यक्ति नहीं मिला।
रुपये मांगने पर दे रहे धमकी
ठगी का अहसास होने पर युवक को किसी तरह भारत लौटना पड़ा। रुपये वापस मांगने पर आरोपितों ने कथित तौर पर धमकियां दीं। शिकायत के आधार पर जगाधरी थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में ग्रीन विहार कालोनी निवासी इकराम अली ने बताया कि उसकी मुलाकात सेक्टर 17 स्थित ग्रीन होटल में करण कपूर से हुई थी। करण ने स्वयं को विदेश भेजने का काम करने वाला बताते हुए पंजाब के मोहाली स्थित एलीगैस एंड इमिग्रेशन प्राइवेट लिमिटेड इमिग्रेशन कंपनी के निदेशक नवीन कुमार से मिलवाया।
दक्षिण कोरिया में लगवानी थी नौकरी
दोनों ने उसके बेटे इमरान को दक्षिण कोरिया में नौकरी दिलाने और वर्क परमिट वीजा लगवाने का भरोसा दिलाया। इसके लिए 10 लाख रुपये का खर्च बताया। 12 मई 2026 को दोनों आरोपितों को 4.50 लाख रुपये का चेक दिया गया। बाद में आरोपितों ने दिल्ली में बुलाया। जहां उन्होंने दो लाख रुपये नकद लिए। जबकि पौने तीन लाख रुपये आरोपितों के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए। आरोपितों ने टिकट व वीजा दिया लेकिन आरोपितों ने बेटे इमरान को वीजा पर वियतनाम यह कहकर भेज दिया कि वहां पर एजेंट मिलेगा। जब इमरान वहां पर पहुंचा तो उसे कोई एजेंट नहीं मिला। कई दिन वह फंसा रहा। बाद में उसे भारत लौटना पड़ा। आरोपितों से रुपये वापस मांगे तो वह टाल मटोल करने लगे। उनके कार्यालय पर गए तो वह धमकी देने लगे।
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