
नई दिल्ली: चांदी के आभूषणों को लेकर एक अहम बदलाव आने वाला है। केंद्र सरकार ने 1 सितंबर से चांदी के आभूषणों पर हॉलमार्किंग लागू करने का फैसला किया है। शुरुआत में यह नियम स्वैच्छिक होगा, यानी जौहरी अपनी मर्जी से चांदी के आभूषणों पर हॉलमार्क लगा सकेंगे। यह कदम सोने के आभूषणों पर 2021 में लागू हॉलमार्किंग नियम की तर्ज पर उठाया गया है, जिसका उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता और ग्राहकों के विश्वास को बढ़ाना है।
हॉलमार्किंग के तहत चांदी के आभूषणों पर एक खास 6 अंकों वाला HUID नंबर अंकित होगा, जो चांदी की शुद्धता को दर्शाएगा। चांदी के आभूषण अब 6 अलग-अलग ग्रेड में वर्गीकृत किए जाएंगे: 900, 800, 835, 925, 970 और 990। इस प्रणाली से ग्राहक यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि वे जिस आभूषण को खरीद रहे हैं, उसकी गुणवत्ता और शुद्धता प्रमाणित है।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने इस नई प्रक्रिया को पूरी तरह से तैयार कर लिया है और जल्द ही इसे देशभर में लागू किया जाएगा। पुराने नियम को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा, ताकि जौहरी नए सिस्टम को अपनाने में सहज महसूस करें।

ग्राहकों के लिए क्या है फायदा?
इस नए नियम से सबसे बड़ा फायदा ग्राहकों को होगा। अब वे हॉलमार्क देखकर चांदी के आभूषणों की शुद्धता की गारंटी पा सकेंगे। इससे मिलावट और नकली आभूषणों की समस्या पर काबू पाया जा सकेगा। हॉलमार्किंग से न केवल ग्राहकों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि जौहरीयों के बीच भी पारदर्शिता और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।
नकली चांदी पर लगेगी रोक
आभूषण उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ ही इस कदम से नकली चांदी की बिक्री पर भी रोक लगेगी। हर आभूषण पर हॉलमार्क होने से ग्राहक यह जान सकेंगे कि वे असली और प्रमाणित चांदी खरीद रहे हैं। इससे धोखाधड़ी और मिलावट की घटनाओं में कमी आएगी और उपभोक्ता सुरक्षित महसूस करेंगे।
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