Smart India Hackathon : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को ‘स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2024’ के ग्रैंड फिनाले में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से युवाओं से संवाद करेंगे और फिर उन्हें संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी बयान के अनुसार, मोदी बुधवार को शाम करीब साढ़े चार बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ग्रैंड फिनाले में युवा नवप्रवर्तकों से बातचीत करेंगे।
पीएमओ के बयान के अनुसार, देश भर के 51 नोडल केंद्रों पर इस साल के हैकथॉन के ग्रैंड फिनाले में 1300 से अधिक छात्रों की टीम भाग लेंगी। पीएमओ ने कहा कि संस्थान स्तर पर आंतरिक हैकथॉन में इस वर्ष 150 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण बन गया है।
बयान में कहा गया कि सॉफ्टवेयर संस्करण 36 घंटे तक नॉनस्टॉप चलेगा, जबकि हार्डवेयर संस्करण 11 से 15 दिसंबर 2024 तक जारी रहेगा।
‘स्मार्ट इंडिया हैकथॉन’ के पिछले संस्करणों की तरह, छात्र दल या तो मंत्रलयों या विभागों या उद्योगों द्वारा दी गई समस्या विवरणों पर काम करेंगे या राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रों से जुड़े 17 विषयों में से किसी के खिलाफ छात्र नवाचार श्रेणी में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
ये क्षेत्र हैं – स्वास्थ्य सेवा, आपूर्ति शृंखला और रसद, स्मार्ट प्रौद्योगिकियां, विरासत और संस्कृति, स्थिरता, शिक्षा और कौशल विकास, जल, कृषि और खाद्य, उभरती प्रौद्योगिकियां और आपदा प्रबंधन।
इस वर्ष के संस्करण में प्रस्तुत कुछ दिलचस्प समस्याओं में इसरो द्वारा प्रस्तुत ‘चंद्रमा पर गहरे क्षेत्रों की छवियों को बढ़ाना’, जल शक्ति मंत्रलय द्वारा प्रस्तुत ‘एआई, उपग्रह डेटा, आईओटी और गतिशील मॉडल का उपयोग करके वास्तविक समय में गंगा जल गुणवत्ता निगरानी प्रणाली विकसित करना’ और आयुष मंत्रलय द्वारा प्रस्तुत ‘एआई के साथ एकीकृत एक स्मार्ट योग चटाई का विकास’ शामिल हैं।
इस वर्ष, 54 मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और उद्योगों द्वारा 250 से अधिक समस्या विवरण प्रस्तुत किए गए हैं।
पीएमओ ने कहा, ‘‘संस्थान स्तर पर आंतरिक हैकथॉन में 150 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो एसआईएच 2023 में 900 से अधिक से बढक़र एसआईएच 2024 में लगभग 2,247 हो गई है, जिससे यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण बन गया है।’’
संस्थान स्तर पर एसआईएच 2024 में 86,000 से अधिक टीमों ने भाग लिया है और राष्ट्रीय स्तर के लिए इन संस्थानों द्वारा लगभग 49,000 छात्र टीमों (प्रत्येक में छह छात्र और दो संरक्षक शामिल हैं) की सिफारिश की गई है।

