Smartphone Charging Tips : आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में मोबाइल फोन हमारी जरूरत से ज़्यादा, एक आदत बन चुका है। ऐसे में ज्यादातर लोग रात को सोने से पहले अपना फोन चार्ज में लगाकर छोड़ देते हैं ताकि सुबह बैटरी फुल मिले। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आदत आपके स्मार्टफोन की बैटरी की उम्र घटाने के साथ-साथ आपकी सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है?
लगातार चार्जिंग से बैटरी पर पड़ता है दबाव
स्मार्टफोन की बैटरी आमतौर पर लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलिमर तकनीक पर आधारित होती है। जब फोन 100% चार्ज होने के बाद भी पावर सोर्स से जुड़ा रहता है, तो बैटरी के अंदर ओवरचार्जिंग स्ट्रेस बढ़ने लगता है। यह स्ट्रेस धीरे-धीरे बैटरी की क्षमता को कम करता है, जिससे फोन जल्दी डिस्चार्ज होने लगता है और उसकी चार्जिंग साइकिल कम हो जाती है।
ओवरहीटिंग से बढ़ता है खतरा
रातभर चार्जिंग पर छोड़े गए फोन में लगातार गर्मी पैदा होती रहती है। लंबे समय तक यह हीट न केवल बैटरी बल्कि फोन के इंटरनल सर्किट को भी नुकसान पहुंचा सकती है। कई मामलों में ओवरहीटिंग के कारण फोन ब्लास्ट या आग लगने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, खासतौर पर तब जब लोग सस्ते या लोकल चार्जर का इस्तेमाल करते हैं।
पावर फ्लक्चुएशन से इलेक्ट्रॉनिक नुकसान
रात के समय बिजली में वोल्टेज फ्लक्चुएशन (ऊपर-नीचे होना) आम बात है। अगर इस दौरान फोन चार्जिंग पर लगा है, तो यह आपके फोन के चार्जिंग पोर्ट, बैटरी, या मदरबोर्ड को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। चूंकि रात में आप निगरानी नहीं रख पाते, इसलिए खतरा और बढ़ जाता है।
सही चार्जिंग के तरीके क्या हैं?
फोन को 20% से 80% के बीच चार्ज रखना सबसे सुरक्षित माना जाता है। अगर आपको रात में चार्ज करना ही है, तो ऐसे स्मार्ट चार्जिंग फीचर वाले फोन या चार्जर का इस्तेमाल करें जो बैटरी 100% होने पर ऑटोमेटिक चार्जिंग रोक देते हैं। चार्जिंग के दौरान फोन को तकिए के नीचे या बिस्तर पर न रखें क्योंकि इससे हीटिंग का खतरा बढ़ जाता है। हमेशा ओरिजिनल चार्जर और केबल का ही उपयोग करें।

