नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कृत्रिम मेधा (एआई) से तैयार किए जाने वाले ‘डीपफेक’ पर बढ़ती चिंताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया मंचों ने भी अपनी ओर से डीपफेक सामग्री को हटाने के प्रयासों को काफी तेज कर दिया है। सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैष्णव ने पत्रकारों से बातचीत में डीपफेक को समाज के लिए एक नया खतरा और अभिशाप बताया।
डीपफेक वह प्रौद्योगिकी है जिसके जरिए किसी व्यक्ति की फोटो, आवाज या वीडियो को डिजिटल माध्यम से बदलकर बिल्कुल असली जैसा दिखने वाला फर्जी रूप दे दिया जाता है।
मंत्री ने कहा, ‘डीपफेक के रूप में बहुत सारी सामग्री आने लगी है। एआई की दुनिया में हुए बदलावों के कारण सोशल मीडिया पर भारी मात्र में डीपफेक आ रहे हैं। पूरी दुनिया और सोशल मीडिया मंचों ने खुद इन फर्जी वीडियो और तस्वीरों को हटाने के अपने प्रयासों को काफी बढ़ा दिया है।’
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