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सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, दीपके का सरकार पर निशाना

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Sonam Wangchuk’s health deteriorates : नई दिल्ली। दिल्ली में बारिश के बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन चल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहा ये प्रदर्शन 13वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन का केंद्र सोनम वांगचुक की तबियत बिगड़ी है।

तेज बारिश में भी नहीं डगमगा हौसला

सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन भी लगातार जारी है, जिसके आज 5 दिन पूरे हो चुके हैं। दिल्ली में तेज बारिश के कारण आंदोलन स्थल पर जलभराव और अव्यवस्था की गंभीर आशंका थी। स्थिति को संभालने के लिए आयोजकों ने मुस्तैदी दिखाते हुए वॉटरप्रूफ टेंट, जल निकासी के पुख्ता इंतजाम और मुख्य मंच की सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए हैं। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा बनाए रखा है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की है।

दिन ब दिन बढ़ रही जनभागीदारी

इस 13 दिवसीय आंदोलन को छात्रों, किसानों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का भारी समर्थन मिल रहा है, जिससे यह विरोध अब एक व्यापक जनभागीदारी का रूप ले चुका है। बारिश के दौरान लोग टेंट के नीचे लेटे बैठे रहे। अनशन के 5वें दिन सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चिंताएं सामने आ रही हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और इस प्रदर्शन के आयोजन अभिजीत दीपके की ओर से जारी मेडिकल रिपोर्ट के सोनम वांगचुक के शरीर के महत्वपूर्ण मानक तेजी से गिर रहे हैं।

60 पर पहुंचा शुगर का लेवल

अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनका शुगर लेवल खतरनाक रूप से गिरकर 60 तक पहुंच गया है। ब्लड प्रेशर भी काफी कम है। उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सोनम वांगचुक को कुछ भी होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर एक चौंकाने वाला दावा किया। आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों के फोन सर्विलांस पर हैं। अभिजीत ने लिखा कि सिस्टम के भीतर से हमें सूचित किया है कि हमारे फोन की निगरानी की जा रही है और हमारे व्हाट्सएप कॉल और चैट को ट्रैक किया जा रहा है।

नहीं छोड़ेंगे आंदोलन : दीपके

सूत्रों ने हमें हमारी आंतरिक टीम के बीच हुई बातचीत के शब्द-दर-शब्द सटीक विवरण तक बताए हैं। तमाम बाधाओं, गिरते स्वास्थ्य और कथित सरकारी निगरानी के बावजूद भी जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों का साफ संदेश है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।

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