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Haryana News : ईसीसी शुल्क और बीएस-चार प्रतिबंध से थमे ट्रकों के पहिये

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सोनीपत। दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोर्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल का असर अब दिखाई देने लगा है। हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को सोनीपत सहित आसपास के जिलों में सेकड़ों ट्रकों के पहिये थम गए।

माल ढुलाई भी हुई प्रभावित

इससे माल ढुलाई व्यवस्था प्रभावित हुई और कई स्थानों पर सामान की आवाजाही रुक गई। ट्रांसपोर्ट नगरों में सन्नाटा पसरा रहा। सामान्य दिनों में जहां ट्रकों की लगातार आवाजाही रहती थी, वहां खड़े वाहन ही दिखाई दिए। रोजमर्रा के सामान, औद्योगिक सामग्री और निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले सामान की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। व्यापारियों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो बाजार में सामान की कमी होने के साथ कारोबार पर भी असर पड़ सकता है।

वाहनों पर प्रतिबंध का कर रहे विरोध

ट्रांसपोर्ट संगठन ईसीसी शुल्क और बीएस-चार वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंध का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार की नई नीतियों से पहले से आर्थिक संकट झेल रहे ट्रक मालिकों और चालकों की परेशानी बढ़ गई है। संगठनों का कहना है कि अभी बड़ी संख्या में बीएस-चार वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। ऐसे में अचानक प्रतिबंध लगाने से छोटे ट्रांसपोर्टरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। सोनीपत के भाईचारा ट्रक एसोसिएशन ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है। संगठन के प्रधान अमित कटारिया ने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

23 मई तक चलेगी हड़ताल

उन्होंने बताया कि फिलहाल 21 मई से 23 मई तक सांकेतिक हड़ताल की जा रही है। मांगें पूरी नहीं होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि डीजल की बढ़ती कीमतें, टैक्स और अन्य खर्च पहले ही कारोबार पर भारी पड़ रहे हैं। ऐसे में ईसीसी शुल्क और नए प्रतिबंधों ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई छोटे ट्रांसपोर्टर घाटे में पहुंच चुके हैं और वाहन की किश्त भरना भी कठिन हो गया है। हड़ताल के चलते कई ट्रांसपोर्ट कंपनियों ने फिलहाल बुकिंग बंद कर दी है। समय पर माल नहीं पहुंचने से उद्योग और व्यापार जगत में चिंता बढ़ गई है।

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