हैदराबाद: दक्षिण मध्य रेलवे ने बंगाल की खाड़ी में बने अत्यंत गंभीर चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर 11 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। इस चक्रवात के बुधवार को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है। दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों को रद्द किया गया है। मंगलवार (27 अक्टूबर) को शुरू होने वाली दस ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। 28 अक्टूबर को चलने वाली एक अन्य ट्रेन भी रद्द की गई है।
रद्द की गई ट्रेनों में सिकंदराबाद-हावड़ा फलकनुमा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-भुवनेश्वर नई विशाखा एक्सप्रेस, हैदराबाद-विशाखापत्तनम गोदावरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, महबूबनगर-विशाखापत्तनम सुपरफास्ट एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम गरीबरथ सुपरफास्ट एक्सप्रेस, लिंगमपल्ली-काकीनाडा टाउन कोकानाडा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, लिंगमपल्ली-नरसापुर एक्सप्रेस, लिंगमपल्ली-काकीनाडा पोर्ट गौतमी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, हजूर साहिब नांदेड़-संबलपुर नागवल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस, चारलापल्ली-श्रीकाकुलम रोड स्पेशल और श्रीकाकुलम रोड-चारलापल्ली स्पेशल शामिल हैं।
नागरासोल-नरसापुर एक्सप्रेस को चरलापल्ली और नरसापुर के बीच आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया है। 29 अक्टूबर को हावड़ा से रवाना होने वाली हावड़ा-सिकंदराबाद फलकनुमा एक्सप्रेस भी रद्द कर दी गई है। साउथ कोस्ट रेलवे पहले ही 61 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा कर चुका है। दक्षिण मध्य रेलवे ने कहा है कि चक्रवात के तीव्र होने के कारण यात्रियों की सुरक्षा और रेल संचालन को ध्यान में रखते हुए स्थिति के अनुसार क्षेत्र में रेल सेवाओं के पैटर्न में बदलाव किया जाएगा। चक्रवात से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और अन्य क्षेत्रों के कई स्थानों पर असर पड़ने की संभावना है।
चक्रवात ‘अर्नब’ के 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम (यानम के पास) के बीच आंध्र प्रदेश तट से टकराने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 28 अक्टूबर को खम्मम, भद्राद्री कोठागुडेम, मुलुगु और महबूबाबाद के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। 28 और 29 अक्टूबर को वारंगल, हनुमकोंडा, सूर्यापेट और नलगोंडा में भी भारी बारिश की आशंका है। इसे देखते हुए, इस दिशा/खंड से गुजरने वाली कई ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट किया जा सकता है।
दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने सिकंदराबाद मंडल के मंडल रेलवे प्रबंधक डॉ. आर. गोपालकृष्णन और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ सुरक्षा उपायों और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मंडल भर में चिन्हित संवेदनशील खंडों और पुलों का निरीक्षण किया और इन स्थानों पर गश्त व्यवस्था और गश्ती दल एवं चौकीदारों की तैनाती का जायजा लिया, साथ ही टैंकों के जलस्तर की स्थिति की भी समीक्षा की। श्रीवास्तव ने काजीपेट और दोरनाकल में बोल्डर, सैंडबैग और गिट्टी से भरी रेलगाड़ियों, दुर्घटना राहत ट्रेनों (एआरटी) और दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरणों (एआरएमई) की तैयारी और तैनाती की भी समीक्षा की।
महाप्रबंधक ने सभी विभागों के प्रमुखों को यात्रियों, कर्मचारियों और रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। मंडल स्तर और मुख्यालय स्तर पर अधिकारी और वरिष्ठ पर्यवेक्षक रेल संचालन, पुलों की स्थिति और संवेदनशील स्थानों पर जलस्तर की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि वे भारी बारिश और चक्रवाती स्थिति जैसी मौजूदा मौसम संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपनी रेल यात्रा की योजना बनाएं। ट्रेन सेवाओं में किसी भी प्रकार का परिवर्तन, जैसे कि रद्द होना, मार्ग परिवर्तन, पुनर्निर्धारण आदि, की सूचना यात्रियों को उनके द्वारा आरक्षित टिकट बुक करते समय दिए गए मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी।

