नई दिल्लीः देश की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। यह बैठक रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की है, जिसमें कई बड़े रक्षा सौदों को मंजूरी दी जा सकती है। इस बैठक में एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल, ड्रोन और ट्रांसपोर्ट विमान जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर फैसला लिया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय वायुसेना के लिए करीब 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (मध्यम आकार के परिवहन विमान) खरीदने का प्रस्ताव रखा जाएगा। ये विमान सैनिकों और सैन्य उपकरणों को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में मदद करेंगे।
S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की और यूनिट्स
बैठक में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की 5 अतिरिक्त यूनिट्स खरीदने की योजना पर भी विचार होगा। भारत पहले ही 5 S-400 सिस्टम का ऑर्डर दे चुका है, जिनमें से कुछ की डिलीवरी अभी बाकी है। चौथा सिस्टम अप्रैल–मई तक आने की उम्मीद है। पांचवां सिस्टम नवंबर–दिसंबर तक मिल सकता है। अब और 5 सिस्टम खरीदने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे देश की हवाई सुरक्षा और मजबूत होगी।
ब्रह्मोस मिसाइल की बड़ी खरीद
भारतीय सेना ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की बड़ी संख्या में खरीद का प्रस्ताव दिया है। यह मिसाइल लगभग 800 किलोमीटर तक मार कर सकती है। यह तेज और सटीक हमला करने में सक्षम है। इस प्रस्ताव को भी आज मंजूरी मिल सकती है।
अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स (ड्रोन फाइटर)
भारतीय वायुसेना के लिए स्वदेशी अनमैन्ड कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (ड्रोन लड़ाकू विमान) खरीदने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। लगभग 4 स्क्वाड्रन्स खरीदने की योजना है। ये ड्रोन बिना पायलट के ऑपरेट होते हैं। ये दुश्मन पर सटीक हमला करने में मदद करेंगे।
प्रोजेक्ट कुशा को पहले ही मंजूरी
एयरफोर्स को “प्रोजेक्ट कुशा” के तहत लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम की 5 स्क्वाड्रन्स खरीदने की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। यह पूरी तरह स्वदेशी प्रोजेक्ट है। इसे DRDO द्वारा विकसित किया जा रहा है।
धनुष तोपों की खरीद पर भी चर्चा
बैठक में भारतीय सेना के लिए 300 स्वदेशी “धनुष होवित्जर तोप” खरीदने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। इससे जमीन पर लड़ाई की ताकत बढ़ेगी।
विदेशी कंपनियां भी दौड़ में
मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए कई बड़ी विदेशी कंपनियां दावेदार हैं। ब्राजील की एम्ब्रेयर, अमेरिका की लॉकहीड मार्टिन, रूस की इल्यूशिन कंपनी है।
कौन-कौन होंगे बैठक में शामिल
इस अहम बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इसके अलावा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव भी इसमें शामिल होंगे।

