Site icon Dainik Savera Times

भारत-बांग्लादेश में व्यापारिक खटास आने से स्पिनिंग इंडस्ट्री को बड़ा झटका, धड़ाधड़ ऑर्डर हो रहे कैंसिल

लुधियाना: भारत-बंगलादेश (India-Bangladesh) में व्यापारिक खटास आने से देश की स्पिनिंग इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। भारतीय स्पिनर्स (धागा निर्माता) को बांग्लादेश से आने वाले ऑर्डर धड़ाधड़ कैंसिल हो रहे हैं। दरअसल, भारत द्वारा की गई कार्रवाई के बाद बांग्लादेश ने भी शर्त रख दी है कि भारतीय कारोबारियों को अपना माल केवल समुद्री मार्ग (सी-रूट) से बंगलादेश भेजना होगा। इससे पहले भारतीय कारोबारी सड़क मार्ग से अपना माल बंगलादेश भेजते थे। सड़क मार्ग की तुलना सी-रूट से माल भेजना लगभग 100 फीसदी तक महंगा पड़ रहा है। इसके चलते भारतीय स्पिनर्स प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गए हैं।

वही, चीन अब भी बांग्लादेश में सड़क मार्ग से अपना यार्न भेज रहा है। इसके चलते बंगलादेश के रैडीमेड गारमैंट मैन्यूफैर्स अब भी भारत की बजाय चीन से यार्न खरीदने को तरजीह देने लगे हैं। एक अनुमान के अनुसार भारतीय स्पिनर्स कुल उत्पादन का 45 फीसदी यार्न बांग्लादेश निर्यात करते थे। वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत ने बांग्लादेश को 1.6 बिलियन डॉलर कीमत का कॉटन यार्न निर्यात किया था। इतना बड़ा बाजार हाथ से निकलने के चलते स्पिनर्स टैंशन में है।

गर्ग एक्रेलिक के डायरैक्टर राजीव गर्ग का कहना है कि बंगलादेश से व्यापारिक संबंध खराब होने के चलते स्पिनिंग इंडस्ट्री पर बड़ी मार पड़ी है। सी-रूट से माल भेजने की शर्त के चलते इंडस्ट्री प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गई। इस मामले में केन्द्र सरकार को कोई ठोस कदम लेना होगा। अगर हो सके, तो सरकार दोनों देशों में बढ़ रहे तनाव को खत्म करने का प्रयास करे।

लुधियाना यार्न ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान राधेश्याम आहूजा ने बताया कि स्पिनिंग इंडस्ट्री लगातार घाटे में जा रही है। कुल मिलाकर कहा जाए, तो इंडस्ट्री 50 फीसदी उत्पादन पर चल रही है। इसमें तो इंडस्ट्री के लिए खर्च निकाल पाना भी लगभग नामुमकिन है। इंडस्ट्री को इन हालातों से निकालने के लिए सरकार को मदद का हाथ बढ़ाना होगा।

Exit mobile version