
सोनीपत। राई की Haryana Sports University में गुरुवार देररात स्विमिंग पूल में क्रिकेट पीजी डिप्लोमा फाइनल ईयर के छात्र निशांत गौतम की डूबने से मौत हो गई। निशांत पलवल का रहने वाला था और यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
निशांत गौतम का ननिहाल प्रदेश के खेलमंत्री गौरव गौतम के गांव चिरावटा में है। वह खेल मंत्री के ममेरे भाई बताए जा रहे हैं। गुरुवार रात निशांत स्विमिंग पूल में उतरा था। इसी दौरान वह गहरे पानी में डूब गया। बताया जा रहा है कि घटना की सूचना यूनिवर्सिटी प्रबंधन तक देर से पहुंची, जिसके चलते समय पर बचाव नहीं हो सका। बाद में यूनिवर्सिटी स्टाफ और छात्रों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
यूनिवर्सिटी का स्विमिंग पूल मंगलवार से ही दोबारा शुरू किया गया था। ऐसे में सुरक्षा मानकों और प्रबंधन की लापरवाही को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यह भी जांच का विषय बना हुआ है कि हादसे के समय पूल पर लाइफगार्ड मौजूद था या नहीं। फिलहाल एफएसएल टीम के मौके पर नहीं पहुंचने के कारण पूल क्षेत्र को बंद कर दिया गया है।
उधर, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ की मौजूदगी समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बता दें कि वह क्रिकेट की कोचिंग भी ले रहा था। देररात उसका शव स्विमिंग पूल में मिला। साथी छात्रों ने घटना की जानकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद मौत के असल कारणों का पता लग पाएगा।
मामले में निशांत के चाचा कुलदीप ने कहा कि वे चाहते हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच हो। निशांत एक अच्छा तैराक था, ऐसे में स्विमिंग पूल में डूबने से मौत कैसे हुई, यह बात समझ नहीं आती। उन्होंने शक जाहिर किया कि कहीं इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं। परिवार सच जानना चाहता है। निशांत शादीशुदा था और कुछ महीने पहले ही उसके घर बेटे का जन्म हुआ था। इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है।
इस पूरे मामले में यूनिवर्सिटी के कुलपति अशोक कुमार ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी के लिए बेहद दुखद घटना है। निशांत नाम के छात्र की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हुई है। वह क्रिकेट पीजी डिप्लोमा कोर्स का छात्र था। घटना के बाद स्विमिंग पूल को सील कर दिया है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है, जिससे कि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।
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