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प्रयागराज में मौनी अमावस्या में भगदड़, अब हालात काबू, अखाड़ा परिषद ने अमृत स्नान किया रद्द

January 29, 2025

प्रयागराज में मौनी अमावस्या में भगदड़, अब हालात काबू, अखाड़ा परिषद ने अमृत स्नान किया रद्द

Stampede in Mahakumbh : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में आज मौनी अमावस्या स्नान को लेकर भीड़ अधिक हो गई। इस कारण भगदड़ जैसे हालात बन गए। जिसमें कई लोगों के घायल होने की आशंका है। हालांकि प्रशासन ने घायलों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। फिलहाल हालात सामान्य हैं। प्रशासन ने सुरक्षा की व्यवस्था और मुस्तैद कर रखी है। इस दौरान अखाड़ा परिषद ने अमृत स्नान को रद्द कर दिया है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने कहा कि प्रयागराज में ऐसी घटना हो गई है, जिस कारण अखाड़ा परिषद ने आज का अमृत स्नान रद्द करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अगला स्नान बसंत पंचमी को होगा। आज की घटना से वे काफी आहत हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जहां पर आसानी से व्यवस्था हो, वहीं स्नान कर लें। उन्होंने कहा कि अब वे बसंत पंचमी का स्नान करेंगे।

उन्होंने कहा कि आज हम स्नान नहीं करेंगे। जब हम स्नान के लिए निकलते तो हजारों की संख्या में साधु संत भी मौजूद होते। भीड़ बहुत है, इस कारण लोग भी जुलूस देखने आ सकते हैं। कोई अप्रिय घटना न हो, इसे देखते हुए हम स्नान नहीं करेंगे। जहां पर प्रशासन कह रहे हैं, वहीं पर स्नान करें। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। संत महात्मा और सरकार सबके साथ हैं। उन्होंने कहा कि समय अधिक बीत गया है और दुखद घटना के कारण हमने अपना स्नान रद्द किया है। मेले में बहुत अच्छी व्यवस्था है। लेकिन भावना के बादल में संख्या ज्यादा आ गई है। अपने स्तर पर प्रशासन ने अच्छी व्यवस्था की है। चैनलों और अन्य जगह से इस घटना की जानकारी मिली है। अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि आज यहां अप्रिय घटना हो गई है। इस कारण अखाड़ा स्नान नहीं करेंगे। चूक के बारे में उन्होंने जानकारी देने से मना कर दिया है। घायलों को ईश्वर जल्द स्वस्थ करें। इस प्रकार की घटना में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन ने अपनी व्यवस्था कर रखी है। इस संवेदनशील घटना पर राजनीति नहीं करना चाहिए। घटना क्यों हुई है, यह जांच का विषय है।

प्रयागराज में महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान आज जारी है। मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए भोर में अखाड़ों के साधु-संत संगम के लिए निकले थे। भगदड़ की घटना और संगम पर हालात बेकाबू होने के बाद प्रशासन ने अखाड़ों से अपील की कि स्नान के लिए न जाएं। इसके बाद अखाड़े के साधु-संत शिविर में लौट आए। यहां साधु-संतों ने बैठक की। तय हुआ कि अखाड़ों के साधु-संत मौनी अमावस्या पर स्नान नहीं करेंगे।

अखाड़ों ने अमृत स्नान टाल दिया। सुबह पांच बजे श्री महानिर्वाणी और अटल अखाड़ा को अमृत स्नान करना था। इसके बाद निरंजनी और आनंद अखाड़ा स्नान करते। फिर जूना, अग्नि, आवाहन और किन्नर अखाड़ा के स्नान का समय था। इनके बाद वैष्णव संप्रदाय के दिगंबर अनी, निर्मोही अनी और निर्वाणी अनी स्नान करते। अंत में निर्मल अखाड़ा को अमृत स्नान करना था।

महाकुंभ के अस्पताल में घायलों को लेकर आने वाली एंबुलेंस का तांता लगा हुआ था। राहत और बचाव कार्य में पूरा प्रशासन जुटा हुआ है।

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