Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने आज कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ की। वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक आर्थिक चिंताओं ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 85 अंक फिसलकर 77,384 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 करीब 37 अंक टूटकर 24,150 के स्तर पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की महंगाई बनी बाजार पर दबाव
बाजार की कमजोरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतें मानी जा रही हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। महंगा कच्चा तेल भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और व्यापार घाटे की चिंता बढ़ा सकता है।
एशियाई बाजारों में दिखी मजबूती
भारतीय बाजार की सुस्ती के विपरीत अधिकांश एशियाई शेयर बाजार हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 5% तक उछला। कोस्डैक में लगभग 2% की बढ़त दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 0.34% मजबूत रहा। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी हल्की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों में आई मजबूती का असर एशियाई बाजारों पर सकारात्मक रूप से दिखाई दिया।

अमेरिकी बाजारों ने दिया सकारात्मक संकेत
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए।
डॉव जोन्स में 0.74% की तेजी रही।
S&P 500 0.89% चढ़ा।
नैस्डैक कम्पोजिट 1.29% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
अमेरिका में टेक और चिप कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार को समर्थन मिला। अब निवेशकों की नजर बड़ी टेक कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 2% की बढ़त के साथ 91.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी करीब 2% मजबूत होकर 84.91 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। तेल की बढ़ती कीमतें आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
डॉलर और रुपये की स्थिति
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स फिलहाल 101.15 के आसपास बना हुआ है। वहीं भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में हल्की मजबूती के साथ डॉलर के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करता दिखा। रुपये में करीब 12 से 21 पैसे की रिकवरी दर्ज की गई, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में कुछ राहत देखने को मिली।
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निवेशकों के लिए आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो घरेलू बाजार पर दबाव बना रह सकता है।
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