नई दिल्ली। अभी नौतपा चल रहा है। यह अपने सफर के मध्य में है। कई राज्यों में गुरुवार को मौसम में अचानक परिवर्तन हो गया। तेज आंधी और बारिश के प्रकोप से 38 लोगों की मौत हो गई। इसमें से सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के 20 लोग मौत की नींद सो गए।
बिहार, उत्तराखंड और झारखंड से अप्रिय सूचना
आंधी के कारण बिजली के खंभे और पेड़ गिर गए। इससे बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। इसका असर रेल परिचालन पर भी असर पड़ा। खराब मौसम के कारण कई विमानों का समय और स्थान भी बदलना पड़ा। इस दौरान हुए हादसों में उत्तर प्रदेश में 20 लोगों की जान चली गई। बिहार में 14, उत्तराखंड में 2 और झारखंड में 2 लोगों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश में आंधी-वर्षा और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर बुंदेलखंड और पूर्वांचल में नजर आया। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल स्थित चौरीचौरा और गौरी बाजार रेलवे स्टेशन के बीच रेल लाइन पर पेड़ गिर गए।
टूटा पांच दशक वर्षों का रिकॉर्ड
उरई और भुआ स्टेशनों के बीच ओवर हेड इलेक्ट्रिक लाइन का खंभा टूटने से झांसी लखनऊ रेलखंड पर ट्रेन संचालन बंद हो गया। वाराणसी में 75 किमी प्रति घंटा के वेग से आंधी चली। प्रयागराज में मई के महीने में एक दिन में सर्वाधिक वर्षा का पांच दशक साल पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया। रात एक बजे से सुबह पांच बजे के बीच चार घंटों में 61 मिलीमीटर बारिश हुई, इससे पहले 18 मई 1971 में 54 मिलीमीटर बारिश का रिकार्ड था। मुख्यमंत्री ने नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर राहत राशि बांटने के निर्देश दिए हैं।
नेपाल में बारिश से भी नुकसान
बिहार में शुक्रवार को आंधी, बारिश और वज्रपात से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा मोतिहारी में हुई। नेपाल में वर्षा से पश्चिमी चंपारण जिले में गंडक का जलस्तर बढ़ने लगा है। पुजहा घाट के समीप नदी का पानी बढ़ने से पीपा पुल तक जाने वाला संपर्क मार्ग डूबकर क्षतिग्रस्त हो गया है। कोडरमा रेलखंड पर करीब तीन घंटे तक रेल परिचालन बाधित रहा। खराब मौसम के कारण पटना एयरपोर्ट पर चार विमानों को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि 36 उड़ानें घंटों विलंब से संचालित हुईं।
बिहार में अनुग्रह राशि देने के निर्देश
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपदा प्रबंधन विभाग को मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह राशि देने के निर्देश दिए हैं। झारखंड के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हुई हल्की से मध्यम वर्षा से लोगों को गर्मी से राहत मिली। रुद्रप्रयाग के तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में शुक्रवार शाम तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ निवासी दो भाइयों की मौत हो गई। वे तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में ट्रेकिंग के लिए पहुंचे थे। हादसे में तीन अन्य घायल हो गए। प्रतिकूल मौसम में फंसे 50 से अधिक पर्यटकों का प्रशासन और राहत एजेंसियों ने रेस्क्यू किया।
जम्मू में बादल और हवा से राहत
जम्मू के कई हिस्सों में दोपहर बाद हल्के बादल छाने और हवाएं चलने से गर्मी से राहत रही। अनंतनाग में तेज हवाओं के कारण एक अखरोट के पेड़ के गिरने से 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई। उत्तराखंड में वर्षा बड़ी राहत लेकर आई और जंगलों में लगी आग बुझ गई। गढ़वाल में आग की 354 घटनाओं में 305.78 हेक्टेयर और कुमाऊं में 83 घटनाओं में 69.29 हेक्टेयर जंगल जले थे। हालांकि, गुरुवार रात और शुक्रवार शाम वर्षा से आग पूरी तरह बुझ गई। दक्षिण बंगाल में शुक्रवार दोपहर आए भीषण तूफान, तेज बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचा दी।
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