Last Updated: November 5, 2026

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उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान ने मचाई भारी तबाही, 8 लोगों की गई जान, CM योगी ने दिए आर्थिक सहायता के निर्देश

May 27, 2026

उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान ने मचाई भारी तबाही, 8 लोगों की गई जान, CM योगी ने दिए आर्थिक सहायता के निर्देश

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के बीच सोमवार देर रात और मंगलवार सुबह आए तेज आंधी-तूफान ने कई जिलों में भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में लखीमपुर, गोंडा, सीतापुर, बस्ती, संतकबीरनगर और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में आठ लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए।

आंधी इतनी तेज थी कि कई जगहों पर मकानों की दीवारें गिर गईं, स्कूलों की बाउंड्रीवाल टूट गई और सैकड़ों टिनशेड उड़ गए। कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से सड़क और बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।

लखीमपुर खीरी के कारीबडेरी गांव में आंधी के दौरान लगी आग ने करीब 40 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग में लोगों का घरेलू सामान जलकर राख हो गया और कई मवेशियों की भी जिंदा जलने से मौत हो गई। मितौली इलाके में भी आग और तेज हवाओं ने हालात खराब कर दिए। नेशनल हाईवे-30 पर जगह-जगह पेड़ गिरने से लंबा जाम लग गया और कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। बाद में प्रशासन और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रास्ता साफ कराया।

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गोंडा जिले में मनकापुर-अयोध्या रेल मार्ग पर पेड़ गिरने से रेल यातायात ठप हो गया। वंदे भारत एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी करीब 40 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रहीं। तेज हवाओं और बारिश के कारण आम और केले की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

शाहजहांपुर में दीवार गिरने से एक किसान की मौत हो गई। वहीं लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर पेड़ और बड़े होर्डिंग गिरने से करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। बेहटा गोकुल और कहेलिया रेलवे स्टेशन के बीच ट्रैक पर पेड़ गिरने से पद्मावत एक्सप्रेस प्रभावित हुई और ओएचई लाइन ट्रिप हो गई। इस कारण रेल सेवाएं करीब छह घंटे तक प्रभावित रहीं और लखनऊ मेल, चंडीगढ़ सुपरफास्ट समेत कई ट्रेनें देरी से चलीं।

बस्ती जिले के रघुनाथपुर गांव में तेज आंधी और बारिश के दौरान एक छप्पर पर पीपल का पेड़ गिर गया। उस समय वहां एक ही परिवार के सात लोग सो रहे थे। हादसे में एक चार साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए।

संतकबीरनगर में आंधी के कारण करीब 30 ट्रांसफार्मर और 80 बिजली पोल गिर गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। महुई इलाके में मकान का छज्जा गिरने से एक युवक की मौत हो गई। महुली थाना क्षेत्र में बिजली के तार टूटने के कारण लगभग 150 गांवों में अंधेरा छा गया। सिद्धार्थनगर में 150 से ज्यादा बिजली के पोल और 15 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। देवरिया के गौरीबाजार क्षेत्र में 17 बिजली पोल टूट गए, जबकि महराजगंज में भी कई इलाकों की बिजली सप्लाई बाधित रही।

भीषण गर्मी का असर भी लगातार बना हुआ है। बांदा 47.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ लगातार देश का सबसे गर्म स्थान बना हुआ है। वहीं उरई भी प्रदेश के सबसे गर्म जिलों में शामिल है। प्रयागराज में लगातार आठ दिनों से तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री दर्ज किया गया। तेज गर्मी और लू के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

गर्मी के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. धीरज सोनी ने बताया कि पिछले 15 दिनों में हृदय रोगियों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी और डिहाइड्रेशन के कारण खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

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कानपुर के एलएलआर अस्पताल में हीट स्ट्रोक के 12 मरीज भर्ती किए गए हैं। इसके अलावा उरई, हमीरपुर, बांदा, महोबा, औरैया, फर्रुखाबाद, इटावा, फतेहपुर और उन्नाव समेत कई जिलों में डिहाइड्रेशन और डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

मौसम विभाग ने बुधवार को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश और अवध के करीब 30 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में तेज लू के साथ गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।

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